Viral Fever Treatment वायरल फीवर

Viral Fever

Viral Fever Treatment

वायरल बुखार वायरस जनित बुखार होता हैं जो की अधिकांशतः मौसम में बदलाव के कारण होता हैं। इस तरह के बुखार एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत आसानी तथा बड़ी तेजी से फैलते है। वायरल बुखार में शरीर का तापमान 100 से 103 डिग्री या इससे भी ज्यादा हो सकता है। इसके वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में साँस के द्वारा ज्यादातर फैलते हैं। फैलने के बाद यह एक से दो दिन तथा कभी-कभी कुछ घंटों में सक्रिय हो जाते है।
सामान्य रूप से Viral Fever का इन्फेक्शन 3 से 7 दिनों तक ही रहता है और कभी-कभी हफ्तों तक भी रह सकता है।

Viral Fever Causes – Viral Fever Ke Karan

1- Viral Fever का सबसे मुख्य कारण हमारे शरीर की कमजोर प्रतिरक्षा तंत्र (Immune System) होती हैं। प्रतिरक्षा तंत्र यानि की हमारा शरीर अगर किसी तरह के संक्रमण से लड़ने में असमर्थ रहता हैं तो वायरल फीवर का प्रमुख कारण हो सकता हैं

2-  चूकि यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैलता हैं अतः फ्लू के रोगी के सम्पर्क में आने पर, रोगी व्यक्ति से हाथ मिलाने, खांसने, छीकने या सामने से या नजदीक से बात करने से भी हो सकता हैं ।

3-  वातावरण में नमी बढ़ने के साथ वायरल फीवर ज्यादा तेजी से फैलने लगता है। यही वजह है कि बारिश और सर्दी जैसे मौशमो में इसके रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी देखनो को मिलती हैं।

4-  ठंडे वातावरण के संपर्क में आने, फ्रिज का ठंडा पानी, शीतल पेय पीने आदि वायरल बुखार के कारण बन सकते हैं ।

5- वायु द्वारा उत्पन्न सूक्ष्म कणों का भीतर जाना (जब कोई व्यक्ति खाँसता, छींकता, जम्हाई लेता या बात भी करता है, तो वह अपने शरीर में स्थित वायरस से युक्त तरल के सूक्ष्म कण उत्सर्जित करता है)।

6-प्रदूषित जल और भोजन का सेवन।

7- सीधा संपर्क

Viral Fever Symptoms – Viral Bukhar Ke Lakshan

1-  शरीर का तापमान 101 डिग्री से 103 डिग्री या उससे ज्यादा रहना

2-  आँखों में लालिमा और जलन का एहसा

3-  खांसी और जुकाम होना

4-  जोड़ों में दर्द और सूजन होना

5- थकान और गले में दर्द होना

6-  नाक बहना

7-  बदन दर्द होना

8-  भूख न लगना

9-  मतली और उल्टी

10- सामान्य रूप से कमजोरी का एहसास होना

11- शरीर में दर्द

12-गले में खराश

13-कम या तेज बुखार

14- सिरदर्द

15- खाँसी

16- त्वचा पर धब्बे

17- सामान्य रूप से कमजोरी

Viral Fever (वायरल बुखार) में ये बाते जरूर करे –

1-  मरीज के शरीर पर सामान्य पानी की पट्टियां रखें। पट्टियां तब तक रखें, जब तक शरीर का तापमान कम न हो जाए।

2-  अगर रोगी के सर के साथ – साथ शरीर भी गर्म है तो नॉर्मल पानी में कपड़ा भिगोकर निचोड़ें और उससे पूरे शरीर को पोंछें।

3-  मरीज को हर छह घंटे में पैरासिटामॉल (Paracetamol) की एक गोली दे सकते हैं। दूसरी कोई गोली डॉक्टर से पूछे बिना न दें।

4-  मरीज छींकने से पहले नाक और मुंह पर रुमाल रखें। जिससे इसका संक्रमण दूसरो में न फैले ।

5-  तरल पदार्ध, खासकर पानी, फलों का रस और गर्म सूप अधिक मात्रा में लें।

Viral Fever Ayurvedic  Medicine (Dava)Treatment in Hindi

1- गिलोय (अमृता) बेल की डंडी को पानी में उबाल या छानकर पिएं।

2-  गिलोय सत्व दो रत्ती यानी चौथाई ग्राम पौना गिलास पानी के साथ लें।

3- त्रिभुवन कीर्ति रस या गोदंती रस या संजीवनी वटी या भूमि आंवला लें। यह सभी एंटी-वायरल हैं।

4-  साधारण बुखार होने पर अग्निकुमार रस की दो गोली दिन में तीन बार खाने के बाद लें।

5-  बिल्वादि टैब्लेट दो गोली दिन में तीन बार खाने के बाद लें

Viral Fever Treatment Hindi

1. हल्दी और सौंठ का पाउडर – अदरक में एंटी आक्सिडेंट गुण बुखार को ठीक करते हैं. एक चम्मच काली मिर्च का चूर्ण, एक छोटी चम्मच हल्दी का चूर्ण औरएक चम्मच सौंठ यानी अदरक के पाउडर को एक कप पानी और हल्की सी चीनी डालकर गर्म कर लें. जब यह पानी उबलने के बाद आधा रह जाए तो इसे ठंडा करके पिएं. इससे वायरल फीवर Viral Fever से आराम मिलता है.

2. तुलसी का इस्तेमाल – तुलसी में एंटीबायोटिक गुण होते हैं जिससे शरीर के अंदर के वायरस खत्म होते हैं. एक चम्मच लौंग के चूर्ण और दस से पंद्रह तुलसी के ताजे पत्तों को एक लीटर पानी में डालकर इतना उबालें जब तक यह सूखकर आधा न रह जाए. इसके बाद इसे छानें और ठंडा करके हर एक घंटे में पिएं. आपको Viral Fever से जल्द ही आराम मिलेगा.

3. धनिया की चाय- धनिया सेहत का धनी होता है इसलिए यह वायरल बुखार जैसे कई रोगों को खत्म करता है.वायरल के बुखार Viral Fever को खत्म करने के लिए धनिया चाय बहुत ही असरदार औषधि का काम करती है.

4. मेथी का पानी – आपके किचन में मेथी तो होती ही है.मेथी के दानों को एक कप में भरकर इसे रात भर के लिए भिगों लें और सुबह के समय इसे छानकर हर एक घंटे में पिएं. जल्द ही आराम मिलेगा.

5. नींबू और शहद – नींबू का रस और शहद भी वायरल फीवर के असर को कम करते हैं. आप शहद और नींबू का रस का सेवन भी कर सकते हैं.

6- Viral Fever Gharelu Nuskhe –

  • एक चम्मच काली मिर्च का चूर्ण
  • एक छोटी चम्मच हल्दी का चूर्ण
  • एक चम्मच सौंठ यानि अदरक का पाउडर
  • एक कप पानी
  •  हल्की सी चीनी

इन सभी को किसी बर्तन में डालकर तब तक उबालें जब तक यह सूखकर आधा न रह जाए। इसके बाद इस पानी को थोड़ा ठंडा करके रोगी को पिलाएं। इससे वायरल फीवर (Viral Fever) से आराम मिलता है।

7- तुलसी एक गुणकारी औषधी है.तुलसी में एंटीबायोटिक गुण होते हैं, तुलसी के रस के सेवन करने से शरीर के अंदर के वायरस खत्म होते हैं। एक चम्मच लौंग के चूर्ण और दस से पंद्रह तुलसी के ताजे पत्तों को एक लीटर पानी में मिला लें।और इसे इतना उबालें जब तक यह सूखकर आधा न रह जाये। इसके बाद इसे छानें और ठंडा करके हर एक घंटे में वायरल फीवर (Viral Fever) से ग्रसित इंसान को पिलायें।

8- धनिया सेहत का धनी होता है। इसलिए यह वायरल बुखार जैसे कई रोगों को खत्म करता है। वायरल फीवर के बुखार को खत्म करने के लिए धनिया चाय बहुत ही असर कारक औषधि का काम करती है।

धनिया की चाय बनाने की विधि

  • एक बड़ी चम्मच धनिया के दानों की लें और इसे एक गिलास या कप पानी में डालकर उबालें। फिर इसमें थोड़ी सी मात्रा में दूध और कम मात्रा में चीनी डालकर इसे उबालें।
  • अब गरम-गरम चाय को रोगी को पिलाएं।
    इस कारगर घरेलू नुस्खे से वायर फीवर में आराम मिलेगा। सोआ, काली मिर्च और कलौंजी का प्रयोग सोया शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। जिससे वायरल बुखार कम होने के साथ.साथ पूरी तरह से उतर जाता है।

9 – Viral Fever Desi Ilaj

  • एक छोटी चम्मच काली मिर्च का चूर्ण
  • एक बड़ी चम्मच सोआ के ताजे दाने
  • एक चुटकी दालचीनी का चूर्ण
  • आधा चम्मच कलौंजी को एक कप पानी में डालकर पंद्रह मिनट तक उबालें।

जब यह अच्छी तरह से उबल जाए तब इसे साफ कपड़े से छानकर किसी बर्तन में रख दें। और थोड़ा ठंडा होने पर वायरल फीवर से ग्रसित इंसान को देते रहें।

10 – Viral Fever Gharelu Upay

मेथी में वायरल बुखार को रोकने की क्षमता होती है। मेथी के दानों को एक कप में भरकर इसे रात भर के लिए भिगों लें। और सुबह के समय इसे छानकर रोगी को हर एक घंटे में पिलाते रहें।

11- नींबू का रस और शहद भी वायल फीवर के असर को कम करते हैं। आप रोगी को शहद और नींबू का रस का सेवन भी करा सकते हैं।

12-  डिल बीज का काढ़ा (Brew of Dill seed) :- एक कप उबलते पानी में डिल के बीज डाल दे और उसे उबलनें दें इसके बाद इसमें एक चुटकी दालचीनी डालें और थोड़ी देर खौला दे और रोगी को गर्म चाय की तरह पिने के दे ।