Viral Fever

वायरल बुखार Viral Bukhar

 

Viral Fever –  Ap is article me padhege –

  • Viral Fever Kya Hai?
  • Viral Bukhar Kaise Hota Hai?
  • Viral Fever Ke Karan Aur Lakshan.
  • Viral Fever Ane Pe sabse Kya Kare.
  • Viral Fever Se Aye Sharir Me Kamjori Kaise Dur Kare?
  • Viral Fever Me Kya Khaye?

Viral Fever (वायरल फीवर) यानि मौसम में बदलाव के कारण होने वाला बुखार। यह फीवर सूक्ष्म जीवाणु या वायरस के कारण होता है। इस बुखार के होने से शरीर में रोग प्रतिरोधक खत्म होने लगती है। रोगी को बहुत ज्यादा सिर दर्दए हाथ पैर में दर्द और बदन में दर्द रहता है। यह बुखार एक इंसान से दूसरे इंसान में बहुत जल्दी फैलता है। बच्चे इस बुखार से बहुत जल्दी ग्रसित होते हैं। अगर आपका बुखार पांच दिन के अंदर ठीक नहीं होता तो आपको ब्लड टेस्ट जरूर कराना चाहिए ताकि यह खतरनाक न बन जाएं।

वायरल बुखार (Viral Bukhar) क्या है? और ये बुखार (Fever) कैसे और क्यों होता है?

Viral Bukhar (वायरल बुखार) हवा और पानी से फैलने वाला वायरल इन्फेक्शन है। जब हम सांस लेते हैं तो हवा में फैले इन्फेक्टेड बैक्टीरिया हमारे शरीर के अंदर चले जाते हैं। अगर आपका बुखार 104 डिग्री तक पहुंच जाए तो आपको जरुर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। वायरल के लक्षणों को पहचानना मुश्किल होता है कि यह मामूली बैक्टीरियल इन्फेक्शन है या वायरल बुखारए क्योंकि यह दोनों लगभग एक जैसे होते हैं। जब तक आपको पता नहीं होगा कि आपके शरीर में दिख रहे लक्षण किस ओर इशारा कर रहे हैं तब तक इनका इलाज करना मुश्किल होता है। यह एक वायरल इन्फेक्शन भी होता है जो हवा के द्वारा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के शरीर में फ़ैल जाता है। यदि कोई व्यक्ति पहले से Viral Fever से परेशान है और यदि कोई दूसरा व्यक्ति उसके पास जाकर उससे बात करे तो स्वांस के जरिये इसके जीवाणु दूसरे व्यक्ति के शरीर में चले जाते हैं और फिर वो जीवाणु जब अधिक मात्रा में हो जाते हैं तो उस व्यक्ति को वायरल फीवर हो जाता है।

इसे आम भाषा में मौसमी बुखार कहा जाता है। यह फीवर बहुत ही सूक्ष्म जीवाणु या वायरस के कारण होता है। जब कोई व्यक्ति इस रोग से ग्रसित होता है तो उसे अचानक तेज बुखार आने लगता हैए इसके आलावा बुखार से पीड़ित व्यक्ति को बहुत ज्यादा सिर दर्दए हाथ पैरों में दर्द एवं बदन में पीड़ा होने लगती है।जैसा कि मैं ऊपर बता चुका हूँ कि यह रोग एक वायरस के जरिये एक दूसरे व्यक्ति में फैलता हैए इसलिए इससे बचना बहुत मुस्किल हो जाता है। जब इस वायरल फीवर से पीड़ित व्यक्ति खाँसता या छींकता है तो यह वायरस हवा के द्वारा पास में उपस्थिति व्यक्ति के स्वसन तंत्र की कोशिकाओं में पहुंचकर अपनी संख्या में बढ़ोतरी करके व्यक्ति को वायरल बुखार से ग्रसित कर देता है।वायरल फीवर कितने दिन रहता है इसका कोई पता नहीं है लेकिन हाँ यदि इसका जल्दी उपचार न किया जाये तो ये विकराल रूप धारण कर सकता है। इसलिए में आपको यही सलाह दूँगा कि यदि बुखार 5.6 दिन में भी ठीक ना हो तो हो सकता है ये बुखार किसी अन्य कारण से होए जैसे टायफाइडए मलेरियाए लीवर की सूजनए न्युमोनियाए प्लूरिसी अथवा यूरिन में इन्फेक्शन इत्यादि। एक चीज और बता देता हूँ कि वायरल बुखार के बाद कमजोरी बहुत ज्यादा आती है इसलिए रोगी को ज्यादा से ज्यादा आराम करना ही उचित होता है।

Viral Fever Ke Lakshan वायरल फीवर के लक्षण

खांसी होना और गले में दर्द रहना।

सिर दर्दए पेट दर्द बदन में दर्द और हर वक्त थकावट महसूस करना।

हाथ और पैरों के जोड़ में दर्द और कमजोर होना।

उल्टी और दस्त लगना।

आंखो का लाल होना और माथा बहुत ज्यादा गर्म होना।

Viral Fever Me First Aid (वायरल बुखार में प्राथमिक उपचार) –

  • बुखार में बर्फ का सेंक – तेज बुखार आने पर डॉक्टर भी ठन्डे पानी का सेंक करने की सलाह देते हैं. ऐसा करने से तेज बुखार से आराम मिलता हैं. इसके लिए एक सूती कपडा लें और इसे ठन्डे पानी में भिगोकर अपने सिर पर इसकी पट्टी रखेए जब पट्टी का पानी सुख जाए तो इसे दुबारा पानी में डुबोकर अपने सिर पर रखें.
  • अगर आप पानी की पट्टी सिर पर नहीं रखना चाहते तो इसके बदले आप बर्फ के टुकड़ों का प्रयोग भी कर सकते हैं. इसके लिए एक पॉलीथिन लें और उसमे बर्फ के बारीक.बारीक टुकड़े करके रख लेंण् अब सबसे पहले अपने सिर पर एक कपडा रख लें और उस कपडे के ऊपर यह बर्फ की पॉलीथिन रख लें.

Viral Fever Ke Gharelu Upchar (वायरल फीवर के घरेलू उपचार) –

1- सौंठ में बहुत मात्रा में एंटी आक्सिडेंट गुण पाए जाते हैं जो बुखार को ठीक करने में मदद करते है।

सामग्री

काली मिर्च का चूर्ण. 1 चम्मच

हल्दी का चूर्ण. 1 छोटी चम्मच

सौंठ. 1 चम्मच

पानी. 1 कप

चीनी. थोड़ी.सी

विधि – सभी सामग्री को बर्तन में लेकर तब तक उबालें जब तक यह आधा न हो जाए। अब इसे ठंडा करके पीएं। इससे फीवर को आराम मिलता है।

2- कच्‍चे लहसुन के टुकड़े खायें। आप इस पर शहर लगाकर भी खा सकते हें। इसके अलावा लहसुन की दो कलियों को दो चम्‍मच ऑलिव ऑयल में मिलाकर इसे गर्म कर लें और इससे अपने पैरों के तलों में मसाज करें। अपने पैरों को सारी रात के लिए लपेटकर रखें।

3- अपने नहाने के पानी में आधा कप सिरका मिला लें और कम से कम दस मिनट तक उसे ऐसा ही रहने दें। इस पानी से नहाने से भी आपको फायदा होता है। आप चाहें तो आलू के कुछ टुकड़ों को सिरके में डुबोकर इसे अपने माथे पर बांध लें।

4- तुलसी में एंटीबायोटिक गुण पाए जाते है जो शरीर से वायरस को खत्म कर देती है।

  • इसके इस्तेमाल के लिए बर्तन में एक लीटर पानीए एक चम्मच लौंग का चूर्ण और दस से पंद्रह तुलसी के ताजे पत्ते डाल कर अच्छी तरह से उबालें। जब तक यह आधा न रह जाएं। इस पानी को ठंडा करके हर घंटे में रोगी को पिलाएं।

3- धनिया सेहत के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। बुखार को खत्म करने के लिए इसकी चाय बना कर रोगी को पिलानी चाहिए।

Viral Fever में ऐसे बनाएं धनिया चाय – इसकी चाय बनाने के लिए एक गिलास पानी में एक बड़ा चम्मच धनिए के बीज डाल कर उबालें। फिर इसमें थोड़ा.सा दूध और चीनी डालें और दोबारा उबालें। अब गर्मा.गर्म चाय रोगी को पिलाएं।

4- Viral Bukhar (वायरल बुखार) के रोगी के लिए मेथी का पानी भी काफी फायदेमंद होता है। मेथी में वायरल बुखार को रोकने की क्षमता होती है। इसके इस्तेमाल के लिए पानी में मेथी के दानों को भिगो कर रख दें। अगले दिन यह पानी रोगी को घंटे.घंटे बाद पिलाते रहे।

5- सफेद नमकए अजवाइन और नींबू का इस्तेमाल करने के लिए एक छोटा चम्मच सफेद नमक और अजवाइन को तब तक भूनेंए जब तक इसका रंग न बदल जाएं। अब इसे एक गिलास पानी में मिक्स करें। फिर इसमें नींबू निचोड़ कर दिन में दो या तीन बार पीएं।

6- एक कप गर्म पानी में एक नींबू का रस निचोड़ लें। इस पानी में रूई के पतले फोहे डुबो लें। अतिरिक्‍त पानी को निचोड़ लें और इसे जुराबों के जोड़े में डालकर रात भर पहनकर सो जाएं।

7- ठंडी और गर्म जुराब -एक कटोरा गर्म पानी और एक कटोरा ठंडा पानी लें। अब एक जुराब को ठंडे पानी में डुबोयें और इस दौरान अपना दूसरा पैर एक मिनट के लिए गर्म पानी में डुबोकर रखें। इसके बाद अतिरिक्‍त पानी को निचोड़कर उसे पहन लें। फिर उस जुराब के ऊपर दो अन्‍य जुराबें भी पहन लें। इस जुराब को कुछ घंटे तक पहने रखें।

8- नींबू को बीच में से काट लें और फिर इस टुकड़े से पैरों के तलों पर मसाज करें। आप चाहें तो नींबू के इस कटे हुए टुकड़े को जुराबों में डालकर सारी रात पहनकर रख सकते हैं।

9- टमाटरए आलू और संतरा खाएं। इनमें विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

वायरल में दही खाना बंद न करें क्योंकि दही खाने से बैक्टीरिया से लडने में सहायता मिलती साथ ही यह पाचन क्रिया को सही रखता है। पेट खराबए आलसपन और बुखार को दूर करता है।

Viral Fever में गाजर खाएं इसमें केरोटीन पाया जाता है जिससे रोग.प्रतिरोधक क्षमता बढती है और कीटाणुओं से लडने में मदद मिलती है।

अधिक मात्रा में केले और सेब का सेवन करें। इन दोनों ही में अधिक मात्रा में पोटैसियम पाई जाती है जो ऐसा इलेक्ट्रोलाइट है दस्‍त समाप्‍त होती है।

10 – अदरक में एंटी आक्सिडेंट गुण बुखार को ठीक करते हैं एक चम्मच काली मिर्च का चूर्णए एक छोटी चम्मच हल्दी का चूर्ण और एक चम्मच सौंठ यानी अदरक के पाउडर को एक कप पानी और हल्की सी चीनी डालकर गर्म कर लें जब यह पानी उबलने के बाद आधा रह जाए तो इसे ठंडा करके पिएंण् इससे वायरल फीवर से आराम मिलता है

 

11- तुलसी में एंटीबायोटिक गुण होते हैं जिससे शरीर के अंदर के वायरस खत्म होते हैंण् एक चम्मच लौंग के चूर्ण और दस से पंद्रह तुलसी के ताजे पत्तों को एक लीटर पानी में डालकर इतना उबालें जब तक यह सूखकर आधा न रह जाएण् इसके बाद इसे छानें और ठंडा करके हर एक घंटे में पिए आपको वायरल से जल्द ही आराम मिलेगा. बुखार के लिए तुलसी रामबाण उपाय होती हैं. अगर कोई व्यक्ति रोजाना सुबह के समय तुलसी के 5 पत्ते खाता हैं तो उसे जिंदगी में कभी बुखार सर्दी जुकाम नहीं होता साथ ही ऐसा करने से उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ जाती हैं. जिन लोगों को तेज बुखार. बार-बार बुखार आने की शिकायत होती हैं उनको तुलसी का रोजाना सेवन करना चाहिए यह बेहतरीन आयुर्वेदिक उपचार हैं

12- नींबू का रस और शहद भी वायरल फीवर के असर को कम करते हैं. आप शहद और नींबू का रस का सेवन भी कर सकते हैं.

13- सोआ का काढ़ा. यह शरीर के प्रतिरक्षी तंत्र को तो उन्नत करता ही है साथ ही बुखार को कम करने में भी सहायता करता है। फल्वेनॉयड  और मोनोटर्पीन के गुण होने के कारण यह फीवर से राहत दिलाने में मदद कर पाता है। एक कप पानी में एक बड़ा चम्मच सोआ के दानेए एक छोटा चम्मच काली मिर्च और एक छोटा चम्मच कलौंजी डालकर दस मिनट तक उबालें। उबालने के बाद एक कप में छान लें और उसमें एक चुटकी दालचीनी का पावडर डालकर अच्छी तरह से मिला लें। काढ़ा को पीने से बुखार से राहत मिलेगी।

14- लहसुन में कैल्सियमए मैग्नीशियमए फास्फोरस और खनिज तत्व पाए जाते हैं। इससे सर्दीए जुकामए दर्दए सूजन और त्वचा से संबंधित बीमारियां नहीं होती हैं। लहसुन घी या तेल में तलकर चटनी के रूप में भी प्रयो‍ग किया जा सकता है। वायरल बुखार में हरी और पत्तेदार सब्जियों का अधिक मात्रा में प्रयोग करें। क्योंकि हरी सब्जियों में पानी की मात्रा ज्यादा होती है जिससे डिहाइडेशन नहीं होता है।

15- श्याम तुलसी के 20 पत्ते तोड़कर एक बर्तन में डाल दें और इस बर्तन में एक गिलास पानी भी मिला दें. अब गैस चालु कीजिये और इस पानी को खूब उबालियेए इसे तब तक उबालते रहे जब तक की यह एक गिलास पानी उबलकर आधा न रह जाए जब यह उबलकर आधा रह जाए तो इसे गैस से निचे उतार लें और इसमें थोड़ा सा गूढ़ मिला दें, फिर जब यह ठंडा हो जाए तो रोगी को पीला दें. चाहे कितना ही तेज बुखार हो यह काढ़ा उसका उपचार कर देगाए इस उपाय को आप दिन में दो से तीन बार तक आजमा सकते है.

16- राइस स्टार्च. उपचार का यह तरीका बहुत पुराना है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थ को निकालने में बहुत मदद करता है। जिससे प्रतिरक्षी तंत्र को वायरस से लड़ने में शक्ति मिलती है। राइस स्टार्च पौष्टिकता से भरपूर होता है इसलिए इसके सेवन से रोगी को शक्ति मिलती है।

Viral Fever Me Ayi Kamjori Kaise Dur Kare? वायरल बुखार से शरीर में आयी कमजोरी दूर करने के घरेलु उपचार

1- पुदीना बुखार से आई कमजोरी को दूर करने में बहुत मदद करती हैं इसके लिए आप थोड़ा सा पुदीना लें और इसे करीबन 1 कप पानी में मिला कर अच्छे से उबाल लेवे.पूरी तरह उबल जाने के बाद इसे किसी कपडे अथवा छन्नी के उपयोग से इसे छान ले और ऊपर से इसमें जरा सी मिश्री मिला देवे. इसे पुदीना की चाय कहते हैंए बुखार से आई कमजोरी को दूर करने के लिए आप इसे दिन में 2.3 बार तक पि सकते हैं.

2- मुनक्का में बुखार उतारने की अद्भुत क्षमता होती हैंए इसके सेवन से टाइफाइडए वायरल बुखारए सामान्य बुखार आदि में अत्यंत लाभ होता हैं. बुखार में मुनक्का खाने से दो बड़े लाभ होते हैं पहला रोगी के शरीर में जो भी विषैले संक्रमण हैं वह सभी नष्ट हो जाते हैं और दूसरा इससे बुखार में आई कमजोरी दूर हो जाती हैं

3-  बड़े मुनक्का लें और इन्हे थोड़े पानी में मिला देंए जब यह पानी में पड़े.पड़े मुलायम हो जाए तो इन्हें पानी में से निकाल कर एक तरफ रख लें और फिर इन मुनक्का को दबा.दबा कर इनमे से रस निकाले ए इस रस को एक कप में इकट्ठा कर लेंण् अगर आप रस नहीं निकालना चाहते तो इन मुनक्कों को आप सीधे ही खा भी सकते हैं बस इनके अंदर के बीज को न खाये.