Vanaspati Ghee Ke Fayde Aur Nuksaan Hindi

Vanaspati Ghee

वनस्पति घी

Vanaspati Ghee Ke Fayde Aur Nuksaan Aur Alag -Alag istmal

1. वनस्पति घी शुद्ध है या मिलावट वाला है, इसे परखने के लिए बराबर मात्रा में चीनी, घी, व नमक का तेजाब मिलाकर अच्छी तरह हिलाएँ। यदि इस मिश्रण का रंग लाल या लाली लिए हो जाये तो समझना चाहिये घी में मिलावट है।
2. आलू को उबालकर बारीक पीसकर, छानने के पश्चात् देशी घी में मिलाया जाता है। ऐसी मिलावट वाले घी को अक्सर ‘दानेदार घी‘ कहकर बेचा जाता है। इसकी जँाच करने के लिए बर्तन में से जमा हुआ घी लें तथा हाथ में मसलें। यदि जमा हुआ घी नहीं पिघले, कुछ भाग दाने-दाने रह जाए तो यह मिलावट का द्योतक है।
3. असली घी में वनस्पति घी की मिलावट का सन्देह होने पर थोड़ा-सा घी मिट्टी के बर्तन पर रगड़ कर रख दीजिए। यदि थोड़ी देर बाद वहाँ सफेदी जमी रह जाती है तो समझिए घी में मिलावट जरूर है।
4. एक छोटी शीशी में थोड़ा-सा घी लंे। इस शीशी को पानी के बर्तन में डालकर बर्तन स्टोव पर चढ़ा दें। बर्तन में रखी शीशी का घी जब पिघल जाये तो उस घी में दो-तीन बूँद शोरे का तेजाब मिला दें। यदि घी के रंग में कोई अन्तर न आवे तो समझंे घी शुद्ध है। शीशी के घी का प्रयोग न करें।
5. घी लम्बे समय तक खराब न हो, इसके लिए शुद्ध घी को गर्म करते समय या घी बनाते समय खाने के पान के टुकड़े डाल दें और फिर छान कर सुरक्षित स्थान पर रख दें।
6. शुद्ध घी को यदि लम्बी अवधि तक बिगड़ने से रोकना है तो उसमें एकाध चुटकी नमक डालकर अच्छी तरह गर्म कर लेना चाहिये।
7. नहाने के बाद या रात को सोने से पहले देशी घी नाभि में अच्छी तरह लगा लेने से पूरा शरीर चिकना रहता है तथा होंठ भी नहीं फटते।
8. अक्सर सब्जी, पूड़ी या पकौड¬ी, चिप्स, पापड़ आदि तलने के बाद कड़ाही में बचा घी काले रंग को हो जाता है और जिस चीज को तला गया है, उसके छोटे-छोटे टकडे भी कड़ाही में इकट्ठे होकर घी को गन्दा, गाढ़ा व काला कर देते हैं। इस घी को साफ करके फिर से काम में लिया जा सकता है। गन्दे घी में बराबर मात्रा में पानी मिलाइए और आग पर गर्म कीजिए। जब घी पिघल जाए और घी पानी मिल जाएँ तो आग से उतारकर ठण्डा कर लीजिए और फ्रिज में रख दीजिए। ऐसा करने से घी तो ऊपर सतह पर जम जाएगा और गन्दा पानी नीचे रह जाएगा। अब इस जमे घी को चाकू से बाहर निकाल लीजिए तब गन्दगी नीचे की ओर रह जाएगी।
9. शुद्ध घी में तीन-चार लौंग डालने से घी की खुशबू वैसी-की-वैसी बनी रहती है।
10 यदि मैदा या आटे में मोयन देना है तो पहले घी या तेल को इतना गरम करें कि उसमें से धुआँ निकलने लगे। फिर कुछ ठण्डा हो जाने पर आटे या मैदा में मोयन डाल दें कम घी या तेल में ही चीजें खस्ता हो जाएँगी।
11. घी या तेल गरम करते समय यदि वह चटकने लगे तो चुटकी भर नमक डाल दें।
12. घी और शहद एक साथ समान मात्रा में लेने से विषयुक्त (विष के समान) होता है। कभी भी इन दोनों चीजों को समान मात्रा में मिलाकर न लें।
13. घी में सेंधा नमक मिलाकर लगाने से किसी भी जहरीले कीड़े का जहर दूर हो जाता है।
14. यदि आप दानेदार घी बनाना चाहती है तो क्रीम पकाते समय पानी के कुछ छीटें डाल दें। इससे घी दानेदार हो जाएगा।
15. अगर कड़ाही में पड़े तेल या घी के ऊपर गन्दगी है, तो उसे गर्म करके उसमें एक आलू का टुकड़ा तल लें, गन्दगी दूर हो जाएगी।
16. घी या तेल में कोई भी चीज तलने से पहले उसमें दो-तीन बूंदें सिरके की डाल दें। इससे व्यंजन में घी या तेल अन्दर नहीं भरेगा और व्यंजन भी अच्छा तला जाएगा।
17. यदि पूरियाँ तेल में तल रही हैं और आप चाहती हैं कि उनका रंग सफेद रहे तो अमरूद या आम के चार-पाँच पत्ते डालने से पूरियाँ सफेद बनेगी और तेल में झाग भी नहीं आएँगे।
18. तलने के पश्चात् घी या तेल, जो कुछ काला-सा हो जाता है, अगर कॉफी फिल्टर से छान लें तो एकदम साफ, गन्दगी रहित हो जाएगा।