Reshmi -Suti kapde ki dekhbal – How To Clean and Care Clothes

रेशमी और सूती कपड़ो की देखभाल

रेशमी व सूती वस्त्र की देखभाल कैसे करें?

1.साडी में सिर ढकने वाले हिस्से पर बालों में लगे तेल की चिकनाहट लग जातीहै। इस जगह पर टेलकम पाउडर छिड़क दें। थोड़ी देर में मुलायम ब्रुश से झाड़ दें।रेशमी व सूती

2. सिल्क व जरी की साड़ियों को कीड़ों से बचाने के लिये बक्से में रखते समय हर साड़ी के बीच अखबार बिछाएँ। अखबारी कागज की स्याही कीड़ों को दूर रखती है। तीन-चार लौंग व कपूर पीस कर कपड़े की पोटली बनाकर साड़ियों के पास रख देने से भी कीड़े नहीं लगेंगे। 3. आलू उबलने के बाद उस पानी को छान लीजिए एवं उसमें रेशमी कपड़ों को धोइए। रेशमी कपडे स्वच्छ और मुलायम हो जायेंगे।
4. जिस पानी में आलू उबाले गए हों, उसमें यदि काले रंग का रेशमी कपडा धोया जाए, तो वह बहुत चमकीला हो जाता है।
5. सिल्क के कपड़े को घर में घोते समय, एक बाल्टी पानी में आधे नीबू का रस मिला कर कपड़ों को उसमें दो मिनट तक रखें तो सिल्क के कपड़े और अधिक चमक उठेगे।
6. सिल्क की साड़ी धोने के बाद आधी बाल्टी में गोंद डालकर साडी उसमें डाल दें। मैदा या चावल की माण्ड से चमक समाप्त हो जाती है।
7. सफेद कपड़े धोते समय जब अन्तिम बार उन्हें पानी से निकलंे तो पानी में एक चम्मच नीबू का रस या मीठा सोडा डाल दें, इससे उनका रंग पीला नहीं पड़ेगा।
8. पानी में फिटकरी डालकर कपड़े धोने से सफेद कपड़ों में पीलापन नहीं आयेगा।
9. सफेद कपड़े पीले पड़ जाने पर एक कप गर्म पानी में एक चम्मच बोरेक्स डालें बाल्टी में पानी लें और कप वाले घोल को डालकर आधे घण्टे कपड़े भिगो दें। फिर धूप में सुखा दें, कपड़ों में सफेदी आ जायेगी।
10. रंगीन कपडे धोते समय साबुन के घोल में जरा-सा हाइड्रोसल्फेट मिला लें। अब कपड़े मिगो दें, एक कपड़े का रंग दूसरे कपड़े पर नहीं लगेगा।

रेशमी व सूती वस्त्र की देखभाल कैसे करें?

11 काले रंग के कपड़े धोते समय बाल्टी में चार भाग एल्कोहल व एक भाग अमोनिया डालें। इससे रंग हल्का नहीं पड़ेगा।
12. कमीज के कॉलर व कफ को साफ करने के लिए उसे पहले ठण्डे पानी में भिगो दें, फिर उस पर शक्कर रगड़िये। कछ देर बाद उन्हें धो डालें।
13. कलफ लगाते समय उसमें नमक डाल दें तो प्रेस करते समय कपड़े चिपकेंगे नहीं और कलफ एक-सा व चमकदार लगेगा। पर्दे धोने के बाद अन्तिम बार पानी में एक चम्मच स्प्रिट डाल दें। सिल्क की साड़ी यदि घर पर ही धोएँ तो साबुन में दो चम्मच मिट्टी का तेल डाल दें। कुछ देर भिगो कर छोड़ दें, फिर धो दें। साड़ी की चमक वैसीही बरकरार रहेगी।
14. आरकंडी की साड़ी में कड़ापन हटाने के लिए आधा बाल्टी पानी में एक कप दूधडालकर रात भर भिगोयें। सुखाकर प्रेस करवा लें, कडापन दूर हो जायेगा।
15. यदि कपड़े धुल-धुल कर पुराने हो गये हैं और उनकी चमक जाती रही हो तो गर्म पानी में दो चम्मच शैम्पू के डालकर आधा घण्टे कपडे़ उसमें भिगो दें। चमक फिर लौट आयेगी।
16. सूती, ऊनी ,रेशमी -सभी तरह के कपड़ों को सीलन से बचाने के लिए अलमारीमें यूकेलिप्टस के सूखे फूल रख दें।
17. ऊनी कपड़ों को साबुन के पानी में फिटकरी मिला कर धोएं। इससे न तो वे रंग छोडेंगे और न ही सिकुड़ेंगे।
18 जरी की साड़ियों को कीड़े-मकोडों से बचाने के लिए साडियाँ बक्स में ही रखें। बक्स की तली में नीम की सूखी पत्तियाँ बिछाकर अखबार रख दें और उस पर कोई महीन कपडा लगा दें। हर साड़ी के बीच में अखबार की तह अवश्य लगा दें। अखबार की स्याही से कपड़ों में कीड़े नहीं लगते। फिनाइल की गोलियाँ रखने से जरी का रंग काला हो जाता है।
19. यदि साड़ी में किसी तरह की सुगन्ध लग गयी हो तो चार-पाँच लौंग पीसकर उसे रूमाल में बाँधकर साड़ी के पास रख दें। इससे साड़ी में कीड़े नहीं पड़ेंगे।
20. रेशमी कपड़े को पहनने के बाद यदि रखते समय उसकी सलवटें निकालकर पुराने मखमल के टुकड़े से रगड़ दिया जाए, तो कपडे बहुत दिनों तक साफ रहेंगे।
21. बथुए का काढ़ा रेशमी कपड़ों के धब्बे मिटाने के लिए उपयोगी होता है।
22. सिल्क की साड़ी पर उबले आलू और बेसन को साबुन की तरह लगाएँ और रगड़कर धो दें। उसकी चमक बरकरार रहेगी।