Pregnancy Ulti,Dast,Sujan,Constipation Nuskhe Hindi

Pregnancy me Ulti,Dast,Sujan,Constipation ka Gharelu Upay

गर्भकाल-Pregnancy में उल्टी ,दस्त ,सूजन , प्रसव का दर्द  के ५० घरेलु उपचार

Pregnancy me Ulti,Dast,Sujan,Constipation ka Gharelu Upay Upchar  Nuskhe RogUpchar

स्त्री के लिए गर्भवती होना एक बहुत ही सुखद अहसास है पर गर्भधारण करते ही महिला में बहुत प्रकार के परिवर्तन आने लगते है जैसे की बार बार पेशाब आना ,थकन  लगना,पेट में हल्क़ा सा दर्द महसूस होना ,पैरो में सूजन होना,जी मिचलाना आदि इन सब समस्याओ में घर के किचन में मौजूद कुछ चीज़े बहुत लाभ पहुँचती है और कोई नुकसान भी नहीं पहुँचती।गर्भकालa-Pregnancy में उल्टी ,दस्त ,सूजन , प्रसव का दर्द  के ५० घरेलु उपचार।

Pregnancy me Ulti,Dast,Sujan,Constipation Treatment-in Hindi

 

 

 

Pregnancy me Ulti,Dast,Sujan,Constipation ka Gharelu Upay

         Pregnancy me Ulti,Dast,Sujan,Constipation ka Gharelu Upay

 

 

 घरेलु उपचार

गर्भकाल का प्रमुख रोग उल्टी

1.गर्भावस्था के समय गर्भवती महिला को गर्मी के मौसम में ठंडा पानी पीना चाहिए इससें उल्टी में बहुत लाभ होगा। इस अवस्था में गर्भवती महिला को अधिक आराम करना चाहिए।
2.गर्भावस्था के समय गर्भवती महिला को ज्यादातर उल्टी की समस्या रहती है ऐसे में महिला को उदर पर पानी की पट्टी रखने से भी उल्टी बन्द हो जाती है। इस टिप्स को आजमाने से आपको दिन भर आराम रहेगा।
3.गर्भावस्था के समय गर्भवती महिला को जूस का सेवन करते रहना चाहिए जैसे- नींबू का रस, मुसम्मी का जूस इन पदार्थो को लेने से जी मिचलाना तो कम होगा ही साथ ही सिर दर्द से भी राहत मिलेगा और आप एनर्जी सा भी महसूस करेगे।

गर्भावस्था में दस्त

1.गर्भावस्था में दस्त होने पर गर्भवती महिलाएं अधिक कमजोर हो जाती है अतः दस्त को रोकने के लिए कच्चे बेल को पानी में उबालें और फिर उसके गूदे को शहद तथा मिश्री मिलाकर लें इससे दस्त जल्दी रूक जाते है।
2.गर्भावस्था में पतले दस्त आने से गर्भवती महिला की पाचनषक्ति कमजोर हो जाती है। इनसे बचने के लिए जामुन के दो या तीन पत्तों को पीस लें और इसमें सेंधा नमक मिलाकर इसकी छोटी-छोटी गोली बना लें और इसे सुबह-षाम एक-एक गोली लें इससे दस्त में जलदी आराम मिलता है।
3.गर्भावस्था के दौरान अधिक मात्रा में भोजन करने से भी दस्त होने लगते है। ऐसे में अधपके बेल को भून लें और उसके गूदे में मिश्री और गुलाब जल मिलाकर सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से दस्त ठीक हो जाते है।
4.गर्भवती महिला को पतले दस्त हो तो पाँच ग्राम आँवले का चूर्ण लें और पाँच ग्राम हरड़ का चूर्ण मिलायें फिर इसे सुबह-षाम एक-एक चम्मच लें इससे दस्त में जल्दी आराम मिलता है।
5.गर्भवती महिलाओं को नाभि में बड़ का दूध भरने तथा उसके आस-पास लगाने से दस्त में आराम मिलता है। गर्भवती महिलाको ताजे फल व सब्जियों का सेवन करना चाहिए और तरल चीजों का सेवन ज्यादा करना चाहिए।
5. यदि गर्भवती महिला को दस्त की षिकायत है तो संतरे के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर सुबह-षाम एक-एक कप पीने से दस्त की समस्या ठीक हो जाती है।

Pregnancy गर्भावस्था में सूजन

  1. गर्भावस्था के दौरान गर्भिणी के पैरों की सूजन को कम करने के लिए अजवाइन को पीसकर उसका चूर्ण बना लें और उस चूर्ण को पैर में धीरे-धीरे मलने से पैरों की सूजन में आराम मिलता है।
    2.गर्भवती महिला के पैरों की सूजन को कम करने के लिए काले जीरे का काढ़ा बनाकर उस काढे़ से पैरों पर ढलाई करें।
    3.गर्भावस्था में गर्भवती स्त्री को पैरों की सूजन को दूर करने के लिए बरगद के पत्तों को घी में चुपड़ लें और उनको हल्का गर्म करके पैरों में बाँधने से पैरों की सूजन में आराम मिलता है।

Pregnancy गर्भावस्था में खानपान

1.गर्भवती महिला को तरल चीजों का सेवन ज्यादा करना चाहिए।
2.गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला को अपने खानपान का खास ध्यान रखना चाहिए।
3.गर्भवती महिला को ताजे फल व सब्जियों का सेवन करना चाहिए।
4.गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला को तले हुए भोजन आदि खाद्य पदार्थो के सेवन से बचना
चाहिए।
5.गर्भवती महिला को प्रातः काल सैर भी करना चाहिए।
6.गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।
7.गर्भवती महिलाओं को प्रातः काल खाली पेट एक गिलास ताजे पानी में नींबू निचोड़कर पीना चाहिए। इसके सेवन से पाचन क्रिया ठीक रहती है।
8.गर्भवती महिलाओं को टमाटर का रस पीना चाहिए यह रक्त को शुद्ध काता है।
9.गर्भवती महिलाओं को खाने में मूंग की दाल का सेवन करना चाहिए यह जल्दी पच जाती है।
10.गर्भवती महिलाओं को संतुलित मात्रा में आहार का सेवन करना चाहिए। मौसमी फलों और रसदार फलों का भी सेवन करना चाहिए।
11.गर्भवती महिलाओं को अपने शरीर का विषेष ध्यान देना चाहिए जिससे उनका मन खुष रहे।

गर्भावस्था में सावधानियां

1.गर्भवती महिला को हल्का भोजन करना चाहिए जिससे उन्हे दस्त की समस्या उत्पन्न न हो क्योकि ज्यादा दस्त होने से महिला और बच्चे के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
2.गर्भवती महिला को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए इससे गर्भ में पल रहे बच्चे पर कोई दबाव नही पड़ता है।
3.गर्भवती महिलाओं को अपने शरीर का विषेष ध्यान देना चाहिए जिससे गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास अच्छी तरह से हो पाता है।
3.जब गर्भवती महिलाएं अंतिम दिनों भोजन को नही ले पाती है तब उन्हे फल, फूल, दूध आदि का प्रयोग अधिक करना चाहिए।
4.गर्भवती महिला को प्रतिदिन हल्का व्यायाम करना चाहिए इससे प्रसव के समय गर्भ के बाहर आने में कोई परेषानी नही होती है।
5.गर्भवती महिलाओं को आयरन वाली हरी सब्जियों का इस्तेमाल करना चाहिए और डाॅक्टर की सलाह से आयरन वाली दवा लेनी चाहिए जिससे शरीर में आयरन की कमी न हो।
6.गर्भवती महिलाओं को अंतिम महीनों में देषी लाल गेहूँ का दलिया, गाय का दूध, हल्के भोजन तथा मौसमी फलों का सेवन करना चाहिए।
7.गर्भवती महिलाओं को भारी समान नही उठाना चाहिए और न अधिक परिश्रम करना चाहिए। इससे गर्भस्थ षिषु पर प्रभाव पड़ता है और वह नीचे की ओर खिसकता है।
8.गर्भवती महिलाओं को ज्यादा तेज मसालेदार चीजों को नही खाना चाहिए।

गर्भावस्था का भोजन

  1. गर्भकाल में महिला को रोज दोपहर के समय दो नारंगी का सेवन अवष्य करना चाहिए।
    2. गर्भवती स्त्रियों को मौसमी का रस लेना चाहिए इससे गर्भवती महिला और होने वाले बच्चे को शक्ति मिलती है।
    3.गर्भवती महिला को गरी का गोला और मिश्री का सेवन करते रहना चाहिए जिससे बच्चा हष्ट-पुष्ट रहता है।
    4.गर्भावस्था में महिला को दोचम्मच शहद रोज पिलाते रहना चाहिए इससे रक्त की कमी नही होती है और ताकत रहती है।
    5.गर्भवती महिला को नित्य दूध और शहद का सेवन करना चाहिए इससे बच्चा स्वस्थ रहता है।
    6. गर्भवती महिला को आधा गिलास गाजर का रस नित्य लेना चाहिए इससे रक्त में वृद्धि होती है।
    7.गर्भवती महिला को आधा गिलास दूध नित्य लेना चाहिए इससे कमजोरी दूर होती है।

गर्भवती महिला की प्रसव दर्द कम करने के लिए उपयोगी नुस्खे

1.प्रसव के समय होने वाले दर्द को कम करने के लिए अपामार्ग की जड़ को माता की कमर में बांधने से प्रसव का दर्द कम हो जाता है।
2.गर्भवती महिला को गाजर के बीज व उसके पत्तों का काढ़ा पीने से बच्चा आसानी से पैदा हो जाता है।
3.गर्भवती महिला को एरण्ड का तेल नाभि पर रोज लगाना चाहिए जिससे बच्चा जल्दी पैदा हो जाता है।
4.प्रसव के समय स्त्री को तुलसी के पत्तों का रस पिलाने से तकलीफ नहीं होती है।
5. प्रसव के समय स्त्री को हाथ में चुम्बक पत्थर को पकड़ा देने से बच्चा आसानी से पैदा हो जाता है।
6.गर्भवती महिला को अंतिम दिनों में अंजीर का सेवन करना चाहिए। इससे बच्चा आसानी से पैदा हो जाता है।
7.प्रसव के समय मकोय की जड़ को पीसकर स्त्री की नाभि के नीचे लगाने से बच्चा आसानी से पैदा हो जाता है।
8.प्रसव के समय लौकी को उबालकर उसका रस देने से प्रसव पीड़ा कम हो जाती है।
9.प्रसव के समय चार-पाँच दाने लाल घंुघची लेकर को पीस लें और थोड़ा-सा इसमें गुड़ मिलाकर दोनों को अच्छी तरह मिक्स कर लें। इसको देने से बच्चा आसानी से पैदा हो जाता है।