Piles Treatment Hindi

piles bawasir ayurvedic treatment

Piles (bawasir) Treatment Hindi – बवासीर गुदेन्द्रिय में मस्से हो जाने का रोग है।इसे अर्श भी कहते हैं।इस रोग में मस्से गुदेन्द्रिय के बाहर-भीतर होतेहैं।बवासीर के रोगी का हाजमा ठीक नहीं रहता।भूख कम लगतीहै, कब्ज रहती है, कमजोरी के कारण चेहरा पीला पड़ने लगता है ओर चेहरे पर हल्की सूजन भी आ जाती है।बवासीर दो तरह की होती है- खूनी व बादी। यहां दोनों ही प्रकार की बवासीर की स्वदेसी चिकित्सा बतलाई जा रही है।

Khooni bawasir Aur Badi bawasir  -Piles Treatment hindi

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1-ग्वार के पत्ते 11, कालीमिर्च 11 को नित्य प्रातः साठ ग्राम पानी में मसलकर छान लें और वह पानी 11 दिन तक ही पीएं।इससे बादी बवासीर ठीक होती है।

2-खूनी बवासीर हो तो मुख में नीबू का रस निचोड़कर तुरंत दूध पी लें। या नीबू का रस निचोड़ते जाएं और दूध पीते जाएं। खूनी बवासीर का यह अचूक इलाजहै।

3-नीबू को काटकर उस पर सेंधा नमक भुरककर चूसने से भी मस्सों  से खून आना बंद होता है।

4-तुलसी की पत्तियां 20 ग्राम व काकजंघा की जड़ 20 ग्राम को पीसकर मिलालें।फिर सुबह-शाम आधा कप के साथ सेवन करें।मस्सों पर भी लगा सकते हैं।

5-निबौली की मींगी व तुलसी की जड़ 10-10 ग्राम लेकर कूट-पीसकर आधा कप पानी में मिलाकर छान लेंऔर निगललें।बवासीर शर्तिया ठीक होगी।

6-सत्यानासी की जड़ व नमक समभाग लेकर कूट-पीसकर छान लें।फिर सुबह-शाम ढाई-ढाई ग्राम सेवन करें।जब तक खून न रूके यह उपचार करते रहें।

7-बादी बवासीर होने पर आम की गुठली की गीरी को पीस-छानकर शीशी में भर लें।फिर सौ ग्राम मट्ठे के साथ दो ग्राम चूर्ण के क्रम से दिन में तीन बार लें।मस्से सूख जाएंगे।

8-बवासीर के मस्से सूख गए हों, टीस मचती हो तो कनेर की जड़ की छाल को घिस कर मस्सों पर लेप करें।पीड़ा दूर होगी।

9-मुलायम-सी मूली छील कर छोटे-छोटे टुकड़े कर नमक व काली मिर्च चूर्ण बुरकें।फिर किसी  बरतन में बंद कर कुछ दिन धूप में रखें।नित्य हिलाते भी रहें।इस प्रकार दस दिन में मूली का अचार तैयार हो जाएगा।इस अचार का सेवन करने से न केवल बवासीर वरन् तिल्ली व पेशाब का बंद होना भीठीक होता है।

10-कागजी नीबू काटकर छह ग्राम कत्था पीस कर लगातार रात को छत पर रखें।प्रातः दोनों टुकड़ों को चूस लें।इससे बवासीर में खून आना बंद होता है।

11-नीम के बीज की गीरी 10 ग्राम, गुठली सहित रसौत 10 ग्राम को कूटकर कपड़ छन कर पानी से सेवन करें। खूनी बवासीर का यह असदार नुस्खा है।

12-मट्ठे के नियमित सेवन से बवासीर के अतिरिक्त भी अन्य रोग ठीक होते हैं।

13-चीते (एकप्रकार की औषधि) की जड़ की छालमिट्टी की हांड़ी के भीतर लगाकर उसमें दही जमाकर उसका मट्ठा पीने से हर तरह की बवासीर ठीक होती है तथा मस्सों में भी लाभ होता है।

14-बवासीर खूनीहो या बादी, उसके मस्सों पर भांग पीसकर लेप करने या टिकिया बनाकर बांधने अथवा भंग का धुआं देने से बवासीर की पीड़ा दूर होती है।

15-हरसिंगार के फूल (2 ग्राम), कालीमिर्च (2 ग्राम), पीपल (2 ग्राम) कोसौग्रामजलेबी के सीरेमें (हलुवे) में अच्छी तरह मिलाकर रात को सोते समय नित्य 5-6 दिन तक सेवन करें।

16-मोटी इलायची (55 ग्राम) लेकर तवे पर आधा घंटे भूनकर भस्म बनाएं।फिर वह भस्म 3 ग्राम सुबह व 3 ग्राम शाम को ताजा पानी के साथ लें।

17-बवासीर पर लौकी के पत्तों को पीसकर लेप करने से कुछ ही दिनों में बवासीर नष्ट हो जाते हैं।

18-गवार के पौधे के 11 हरेपत्ते, 11 कालीमिर्चपीसकर 62 ग्रामपानीमेंमिलाकरप्रातः एक बार कई दिन पीने से बादी बवासीर ठीक हो जाते हैं।

19-गेहूँ के पौधे का रस पीना हर प्रकार के बवासीर में लाभदायक है।

20-60 ग्राम काले तिल खाकर ऊपर से ठण्डा पानी पीने से बिना रक्त वाले अर्श ठीक हो जाते हैं।नियमित रूप से तिल का तेल अर्श पर लगाने से लाभ होता है।

21-दस जायफल देशी घी में इतना सें कें कि सुर्ख हो जायें।फिर इनको पीसकर छानकर दो कप गेहूँ के आटे में मिलाकर घी डालकर पुनः सेंकें।सेंकने के बाद स्वादानुसार देशी बूरा (शक्कर) मिला लें।इसे एक चम्मच नित्य सुबह, भूखे पेट खायें।बवासीर में लाभ होगा।

22-समान मात्रा में सौंठ और गुड़ मिला आधा चम्मच सुबह-शाम नित्य खाने से बवासीर में लाभ होता है।

23-नियमित रूप से नित्य शरीर की मालिश करने से मस्सों में लाभ होता है।

24-बैंगन का दाँड पीसकर बवासीर पर लेप करने से दर्द और जलन में आराम मिलता है।बैंगन का दाँड और छिलके सुखालें और फिर इनको कूट लें।जलते हुए कोयलों पर डालकर मस्सों को धूनी दें।बैंगन जलाकर इसकी राख शहद में मिलाकर मस्सों पर लगायें।मस्से सूख कर गिर जायेंगे।

25-तोरई कब्ज दूर करती है।इसकी सब्जी नित्य खाने से बवासीर ठीक हो जाते हैं।

26-चैलाई की सब्जी नित्य खाने से बवासीर ठीक हो जाते हैं।

27-जब तक मौसम में बथुए का साग मिलता रहे, नित्य इसकी सब्जी खायें।बथुए का रस पीयें, उबाला हुआ पानी पीयें।इससे बवासीर ठीक हो जाते हैं।

28-बवासीर के मस्से चुकन्दर खाते रहने से झड़ जाते है।

29-कच्ची गाजर खाने या रस पीने से बवासीर में लाभ होता है, जब तक गाजर मिलती रहे, लगातार सेवन करें।

30-गाजर का रस तीन भाग और पालक का रस एक भाग मिलाकर पीने से बवासीर में लाभ होता है।

31-गेंदे के हरेपत्ते (10 ग्राम), कालीमिर्च (10 ग्राम), कूंजामिसरी (10 ग्राम) को 50 ग्राम  पानी में अच्छी तरह मथकर वह पानी छान लें और चार दिन तक नित्य दिन में एक बार सेवन करें।गर्म चीजों से परहेज करें।बवासीर में लाभ होगा।

32-छाछ का सेवन करने से बवासीर खत्म हो जाती है तथा भविष्य में कभीनहीं होती।इसका तरीका यह है कि दोपहर के समय अर्थात् भोजन के पश्चात् छाछ में चैथाई चम्मच पीसी हुईअजवायन व चुटकी भर सेंधा नमक डालकर पीजाएं।

33-रात्रि  में दो सूखे अंजीर पानी में भिगो दें और प्रातः निराहार खाएं।इसी तरह प्रातः भिगोए अंजीर को सायं काल में खाएं।अंजीर खानेसे एक घंटे पहले तथा एक घंटे बाद तक कुछ भी न खाएं-पीएं। ऐसा करने से एक सप्ताह के दौरान ही खूनी व बादी बवासीर ठीक हो जाती है।

34-कच्ची मूली या उसका सेवन करने से भी बवासीर में लाभ होगा।

35-एक मास में कम से कम चार बार करेले की सब्जी खाने से बवासीर के अतिरिक्त अन्य रोगों से भी रक्षा होतीहै।