Papita (Papaya benefits) पपीता Ke Fayde

Papite 34 fayde

Papita (पपीता- Papaya) Benefits- Papita ke 34 fayde. Papaya piles, teeth pain, skin problems, gas, acidity, loose motion, pimples, fair glow aur ghav ko bharne me ramban dava hai. Jane 34 Gharelu nuskhe.

Papaya Benefits Hindi

» पपीता एक ऐसा फल है जो सारे भारत में पैदा होता है। पपीता एक सर्व सुलभ और अत्यन्त गुणकारी

फल है।

» मूलतः यह ब्राजील देष का फल है पर भारत में भी सर्वत्र पैदा किया जाता है। पपीता की

स्वाभाविक ऊपज शीतकाल की हेमन्त ऋतु में होती है। वर्षा के अधिकांष समय में यह भारी

मात्रा में उपलब्ध रहता है।

» अन्य ऋतुओं की अप्रेक्षा शीतकाल में इसे खाना अधिक उपयोगी व लाभकारी होती है।

अतः शीतकाल में इसे अवष्य खाना चाहिए।  पपीता ‘‘कैरीकेसी’’ कुल का वृक्ष है।

वृक्ष होते हुए भी इसकी आयु केवल 4-5 साल की होती है।

» इसके वृक्ष भारत के बाग-बगीचों और खेतों में कुएं के पास पाए जाते हैं।

इसकी सुन्दरता के कारण घरों की फुलवारी में भी इसके वृक्ष को लगाया जाता है।

4-5 साल में इसका फलना-फूलना बंद होकर, वृक्ष नष्ट हो जाता है।

» आयुर्वेद के मतानुसार पका पपीता मधुर, रूचिकारक, वीर्य वर्द्धक, हृदय के लिए हितकारी,

स्निग्ध तथा चर्म रोग, पित्तवात व उन्माद रोग नाषक है। यह लीवर के लिए हितकारी,

मूत्रल, कफ निकालने वाला, रक्तदोष का नाष करने वाला, कब्ज, अग्निमांघ और बवासीर

रोग में लाभ करने वाला फल है।

Papite 34 fayde

Papaya 34 benefits hindi

» यह हल्का, तीखा, कटु व तिक्त रस युक्त, उष्णवीर्य, गर्म, पाचक, कफ वात शामक,

विपाक मेंकटु और ग्राही फल है। इसकी प्रकृति गर्म होती है (Papita Garam Hota Hai)। औषधि के रूप में इसके फल,

पत्ते, बीज, दूध और दूध से प्राप्त होने वाले सत्व ‘पेपेन’ को उपयोग में लिया जाता है।

» पपीते में कार्बोहाइड्रेट 9.5 प्रतिषत, फास्फोरस 0.01 प्रतिषत, आर्दता 89.6 प्रतिषत,

लोहा 0.4 मिग्रा, चिकनाई 0.9 मिग्रा, व शर्करा 6.9 प्रतिषत आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं।

» 1 पके पपीते में 68 से 100 मिग्रा तक विटामिन ‘सी’ रहता है। जैसे- पपीता पकता जाता है,

इसके विटामिन बढ़ते चले जाते है।  पपीता तीनों दोषों को समान बनाए रखता है तथा पाचन

तन्त्र को सक्रिय बनाए रखता है।

» उनकी क्रियाओं की स्वाभाविकता को बनाए रखता है। यह जठराग्नि को ठीक रखता है।

»गरिष्ठ पदार्थो के सेवन करने पर उनको पचाने की शक्ति पैदा करके मंदाग्नि से बचाए रखता है।

शरीर की सप्त धातुओं की रक्षा कर, रस और रक्त को पुष्ट करने में अपना योगदान देता है।

» इसका फल पाचन संस्थान के लिए बड़ा ही उपयोगी है। यह यकृत व वृक्क की कार्यषीलता को बढ़ाता है

तथा मूत्रवाहक संस्थान का शुद्धिकरण करने में सहायक होता है। आयुर्वेदानुसार पपीता गुणों की खान है।

» Papaya (papita) in hindi  हिन्दी में- अरण्ड ककड़ी, पपीता, संस्कृत में (Papita in sanskrit)- एरण्ड, मराठी में (Papaya in

Marathi)-पपाया, गुजराती में (Papaya in Gujrati)  – पपयी,  बंगाली में (Papaya in Bengali)-पपेया,

तेलगु में (Papaya in Telgu)-बोप्पयी, तामिल में( Papaya in Tamil)-पप्पलि,

मलयालम में (papaya in Malyalam) -पप्पायम, कन्नड में (papaya in Kannada)-परंगीमारा,

फारसी में (Papaya in Farsi)-दरख्त खुरपुजा व  अंगे्रजी में(Papita in english) – पपाया (Papaya) कहा जाता है।

» इसका लैटिन नाम(Papita latin Name)-कैरिका पपाया है।  कच्चे पपीते का दूध भी अत्यन्त गुणकारी होता है।

इसके वृक्ष पर लगे कच्चे फलों में सुबह-सुबह 2-3 चीरे लगा देते हैं जिनसे दूध निकलता है।

यह दूध अत्यन्त पाचक, पसीना निकालने वाला, आर्तव लाने वाला तथा कुष्ठध्न होता है।

Papita ke 34 Fayde

1- आंत की कमजोरी- कच्चे पपीते की सब्जी आंत की कमजोरी दूर करती है।

2- घाव- पपीते का छिलका घाव भरने केk काम आता है।

3- चेहरे की झुर्रियां–  पपीते के गूदे का रस रगड़कर चेहरे पर लगाने से दाग-झुर्रियां दूर होती है।

4- खून की कमी- पके पपीते का सेवन स्त्रियों में खून की कमी को दूर कर स्तनों में दूध की मात्रा बढ़ाता है।

5- लीवर- पपीते का रस 5 से 10 बूंद तक बताषे में रखकर खाने से लीवर की समस्या तथा पीलिया में फायदेमंद होता है।

6-  Papaya And skin – Papita ka Fayda Daad Aur Charm Rog – कच्चे पपीते का दूध लगाने से दाद,

खुजली तथा अन्य चर्मरोगों पर कुछ नियमित रूप से लगातेेे रहने से इन्हें जड़ से खत्म कर देता है।

7- Papaya juice for piles – बवासीर- इसके फल का रस बवासीर के मस्सों पर लगाने से 3-4 दिन में मस्से ठीक हो जाते हैं।

8- Papaya for bleeding piles – पपीते की जड़ को घिसकर लगाने से भी राहत मिलती है। साथ ही नियमित रूप से पका पपीता

खाने में भी बवासीर में लाभ होता है।

9- स्तनों में दूध वृद्धि- प्रतिदिन कच्चे पपीते का साग बनाकर खाने से स्त्रियों के स्तनों में दूध ज्यादा

मात्रा में आने लगता है। पका पपीता खाने से भी फायदा होता है।

10- Papaya During loose motion अतिसार- पतले दस्त लगने पर कच्चे पपीते को पानी में

उबालकर खाने से दस्त होना बन्द हो जाते हैं। पुराने दस्त में भी लाभकारी हैं।

11- बिच्छूदंष- कच्चे पपीते का दूध बिच्छू के डंक लगे अंग पर लगाने से जहर का असर खत्म हो जाता है।

12- Pet Ke Kide Me Papita Ke Fayde (Papaya and Worms) –  उदरकृमि- कच्चे पपीते का 1 चम्मच दूध प्रातः पीने से

पेट के कीड़े नष्ट हो जाते है। बच्चों के लिए यह दवा उत्तम है।-पपीते के 10 बीज, पानी में पीस लें।

उन्हें चैथाई कप पानी में मिलाकर पीयें। लगभग 1 सप्ताह तक  पीते रहने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।

13- Papaya and Teeth Pain – दांत दर्द- मसूढ़े में या दांतों में दर्द होने पर कच्चे पपीते का दूध रूई के फाहे में लेकर लगाएं।

14- Papita for Skin in Hindi – सौंदर्यवर्द्धक- पके पपीते का गूदा उबटन की तरह चेहरे पर मलें। जब 15-20 मिनट बाद वह

सूख जाए तो चेहरे को धोकर पोंछ लें। फिर तिल का तेल लगा लें। ऐसा 1 सप्ताह तक करने

से ही चेहरे की झुर्रियां, कालिमा व मैल समाप्त होकर, चेहरा साफ, स्निग्ध और कोमल हो जाएगा।

15- Papaya Benefits Urine Problem मूत्र- पपीता खाने से पेषाब अधिक आता है। मूत्र साफ एवं शुद्ध होता है। यह वृक्कों का

शुद्धिकरण करता है। अन्य दोषों के द्वारा अगर मूत्र कम मात्रा में आता है तो यह मूत्र

को उतारने में सहायक होता है।

Papaya (papita) Gun and benefits (Fayde) in hindi

16- Papita For High Blood Pressure उच्च रक्तचाप– प्रतिदिन खाली पेट पाव भर पपीता 2-3 महीने तक खाने से

हाई ब्लडप्रेषर ठीक हो जाएगा।

17- जोड़ों का दर्द- रोजाना पपीता खाने से वात जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है। यह दर्द का शमन करता है।

18- मासिक धर्म- मासिक धर्म की अनियमितता या दर्द में पपीते के सूखे बीज पीसकर आधा चम्मच

सुबह-षाम गर्म पानी से मासिक स्त्राव आने के 1 सप्ताह पहले से आरम्भ करके मासिक स्त्राव बंद

होने के दिन तक 2-3 महीने लेते रहने से मासिक धर्म ठीक आने लगता है।

19- अपच-अम्लपित्त- खाली पेट पका पपीता काली मिर्च, काला नमक व सेंधा नमक डालकर कुछ

सप्ताह तक उपयोग करें।सफर से दम घुटना- वायु प्रदूषण से सांस लेने में तकलीफ होने पर

पपीता के ताजे रूमाल में रखकर सूंघते हुए यात्रा करें। यदि ताजा बीज नहीं हो तो सूखे बीज

पानी में भिगोकर काम में लें।

20- कब्ज– कब्ज में रोजाना पका पपीता खाना लाभप्रद रहता है।गला रूंधना- पपीते का चूर्ण पानी

में मिलाकर सेवन करने से गले का रूंधना दूर होता है।

21- गले की सूजन– पपीते का चूर्ण, ग्लिसरीन में मिलाकर 5-5 मिनट के अन्तर से गले में

लगाने से सूजन दूर होती है।

22- जिगर बढ़ना- 5 ग्राम पपीते का चूर्ण प्रातः सांय सेवन करने से जिगर और तिल्ली की बढ़ी

अवस्था शनैः-षनैः अपनी प्राकृतिक अवस्था में आ जाती है।

23- तिल्ली- 3 ग्राम कच्चे पपीते के रस में, 3 ग्राम शक्कर मिलाकर इसकी 3 खुराक करके दिन में

3 बार पीने से कुछ ही दिनों में तिल्ली कम हो जाती है।

24- छाजन- 12 ग्रेन पपीते का चूर्ण, 5 ग्रेन भुना सुहागा, 2 ड्राम पानी तीनों को एक जान करके

छाजन पर लगाएं।

पपीता के औषधीय गुण

25-Papaya Cure For Piles – मस्से-गोखुर- कच्चे पपीते के चूर्ण में सुहागा मिलाकर पानी से मलहम बनाकर मस्सों और

गोखुर पर लगाएं।

26- Papaya Benefits for Bad diagestive system

हाजमें की खराबी- कच्चे पपीते के दूधिया रस को धूप में सुखा लें। 24 घण्टे बाद यह सफेद चूर्ण बन जाएगा।

2 ग्राम चूर्ण भोजन के बाद दूध के साथ लें।

27-  Papaya for Bleeding piles Khooni Bawasir

कच्चे पपीता कुछ दिनों तक खाने से खूनी बवासीर

तथा पाचन विकार दूर होते है।

28- मुख रोग- मुंह के छाले, व्रण, जीभ में दरारें पड़ जाने पर पपीते के अर्क में ग्लिसरीन मिलाकर लगाएं।

29- ज्वरनाषक- पपीते के पत्तों का क्वाथ लेने पर ज्वर का शमन होता है।

30- Pradar Rog Me Papita Ke Fayde प्रदर रोग– इसके पत्तों के क्वाथ से योनिद्वार को पिचकारी

के माध्यम से साफ करने से योनि में होने वाले व्रण तथा प्रदर रोगों में फायदा होता है।

31- नासूर- नासूर में यह उत्तम प्रतिजैविक का काम करता है। घाव वाले स्थान को अच्छी तरह साफ

करके हरे पपीते से बनी मरहम का लेप करने से घाव जल्दी भर जाते है।

32- Purane Dast me Papita Ke Fayde पुराने दस्त– कच्चा पपीता उबालकर खायें।

33- Papaya and face maskत्वचा का कालापन– पपीते का गूदा मसलकर, चेहरे पर लगाने से त्वचा का कालापन दूर

होगा व सुन्दरता बढ़ेगी।

34- Papaya For Gastric Problem Cure – वात रोगों में- पपीते के सेवन से वात का शमन होता है व अपान वायु शरीर से बाहर निकल जाती है।