Mirgi (Epilepsy) Ka Desi Ilaj

मिर्गी के 25 घरेलु उपचार (Gharelu Upchar)

Mirgi(Epilepsy) Ka Desi Ilaj

मिर्गी एक ऐसा रोग है यह बीमारी मस्तिष्क के विकार के कारण होती है। जिसमें अचानक रोगी को चक्कर आने लगते है कुछ रोगियों के मुँह से झाग आने लगता है और शरीर काँपने लगता है। इसमें रोगी का मल मूत्र तक निकल जाता है मिर्गी का दौरा पड़ने का कारण अधिक मानसिक दबाव व शारीरिक श्रम करने से होता है। कभी-कभी ज्यादा तेज बुखार आने से भी मिर्गी का दौरा पड़ने लगता है। मिर्गी रोगी को आग व पानी से दूर रहना चाहिए और मल व मूत्र त्याग के लिए जाना है तो तुरंत चले जाएं और मानसिक तनाव से दूर रहे। इस रोग को एपिलेप्सी भी कहा जाता है।

Mirgi(Epilepsy) Ke Karan(Causes)

मिर्गी के कारण-

1 पेट या आंतों में कीड़े हो जाने के कारण भी मिर्गी का रोग हो सकता है।
2 कब्ज की समस्या होने के कारण भी व्यक्ति को यह रोग हो सकता है।
3 स्त्रियों का मासिक धर्म सम्बन्धित रोग के कारण भी उन्हें मिर्गी का रोग हो सकता है।
4 सिर में काफी तेज चोट लग जाने की वजह से भी मिर्गी का रोग हो सकता है।

Mirgi(Epilepsy) Ke Lakshan(Symptoms)
मिर्गी के लक्षण-

1 सिर और आँखों की पुतलियों में लगातार मूवमेंट होने लगता है।
2 मरीज पूरी तरह बेहोष हो जाता है।
3 अचानक हाथ-पैरों और चेहरे पर खिंचाव होने लगता है।
4 मरीज के पेट में गड़बड़ी होने लगती है।
5 मिर्गी के रोगी को काफी उलझन महसूस होती है।

Mirgi(Epilepsy) Ka Gharelu Upchar
मिर्गी के घरेलु उपचार

1 मिर्गी रोगी को दौरा आने पर हींग, तुलसी का रस व कपूर सुंघाए।
2 मिर्गी रोगी को दूध से बने पदार्थो, काजू, बादाम, अखरोट का सेवन करना चाहिए।
3 मिर्गी रोगी को खाने के साथ टमाटर, निम्बू, प्याज, खीरे, मूली के सलाद का सेवन करना चाहिए।
4 मिर्गी रोगी को अनार, सेब, मुसम्मी, अंजीर, आडू का सेवन करना चाहिए।
5 मिर्गी रोगी को मूंग की दाल, अरहर की दाल का सेवन करना चाहिए।
6 मिर्गी रोगी को मसालेदार, तले हुए, मिर्च वाली चीजों का सेवन नही करना चाहिए।
6 मिर्गी रोगी को उड़द की दाल, बैंगन, चावल, मटर का सेवन ज्यादा नही करना चाहिए।
7 मिर्गी रोगी को चाय या काॅफी का सेवन नही करना चाहिए।
8 मिर्गी रोगी को अत्यधिक नषीले पदार्थो के सेवन से बचना चाहिए।
9 मिर्गी के रोगी को फलों के रस का सेवन करना चाहिए।
10 मिर्गी के रोगी को सोयाबीन और दूध का सेवन करना चाहिए।
11 मिर्गी के रोगी को हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए।
12 अदरक, अजवाइन व नीम की पत्तियों का पेस्ट बनाकर सुबह या षाम इसका सेवन जरूर करें।
13 एक ग्राम बच का चूर्ण प्रतिदिन एक चम्मच शहद के साथ चाटने से मिर्गी आना बंद हो जाता है।
14 100 ग्राम पुराना सिरका और 100 ग्राम अकरकरा को मिलाकर पीस लें तथा इस मिश्रण को 5 ग्राम मात्रा में लें और इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर सुबह के समय चाटें इसके सेवन से मिर्गी रोग से मुक्ति मिलती है।
15 मिर्गी के रोगियों को शहतूत के पत्तों का सेवन करना चाहिए।
16 मिर्गी के दौरे में निम्बू में हींग लगाकर चूसना चाहिए।
17 जब मिर्गी का दौरा रोगी को पड़ा हो तो रोगी के मुँह पर ठंडे पानी की छीटे डालनी चाहिए।
18 मिर्गी के दौरे में रोगी को राई पीसकर सूंघाना चाहिए।
19 मिर्गी के दौरे में रोगी को होष आने पर निम्बू के रस में खीरे का रस मिलाकर पिएं।
20 मिर्गी के रोगियों को आंवले के मुरब्बे का सेवन करना चाहिए।
21 मिर्गी के रोगियों को सुबह-षाम पीपल के पत्तों का रस पैर के तलवों में मलना चाहिए।
22 मिर्गी के रोगियों को पर्याप्त नींद लेनी चाहिए।
23 मिर्गी के रोगियों को तनाव से दूर रहना चाहिए।
24 मिर्गी के रोगियों को कम कार्बोहाइड्रेड वाला डायट लेना चाहिए।
25 मिर्गी के रोगियों को ज्यादा फैट वाला भोजन लेना चाहिए।