Gajar Khane Ke 41 Fayde

41 home remedies for carrot

Gajar (Carrot) Benefits गाजर Ke Fayde
गाजर प्रकृति प्रदत्त शीत ऋतु का सस्ता, सर्वसुलभ, गुणकारी तथा लोक प्रिय आहार है।
गाजर की गणना साग और फल दोनों में की जाती है। गुणवत्ता और स्वाद की दृष्टि से गाजर को
सब्जियों की रानी कहा गया है।

Gajar Ka Rog Me Upchar

1- गाजर के पौधे 1-2 फुट तक ऊँचे होते है। गाजर जमीन के अन्दर रहती है। जमीन के ऊपर केवल
इसके पत्ते ही दिखाई देते हैं। गाजर के पौधे जमीन से अधिक मात्रा में पोषक तत्व पोटाष खींच लेते हैं।
तो इसकी अनेक किस्में होती है, जैसे-लाल, पीली, भूरी, नारंगी, काली आदि। परन्तु इनमें लाल
और काली गाजर विषेष प्रसिद्ध हैं। काली गाजर, लाल की अप्रेक्षा अधिक गुणकारी व फायदेमंद होती है।

2- काले रंग की गाजरों से कांजी बनाई जाती है। देषी गाजर छोटी व पतली होती है जबकि संकर किस्म की
गाजर लंबी व मोटी होती है। जो स्वाद व गुण में ज्यादा फायदेमंद नहीं रहती है।

3- इसे संस्कृत में गृंजन व गाजर, हिन्दी में गाजर, मरीठी में सेठीमूल, तेलुगु में गृंजन, कन्नड में गर्जरि,
पंजाबी, बंगला व गुजराती में गाजर, फारसी में जर्दक, अरबी में जजर तथा अंग्रेजी में कैरट कहते है।
इसका लैटिन नाम ‘टौकस कैरोटा’ है।

4- आयुर्वेदानुसार गाजर स्वाद में मधुर, रोचक, दीपन, तीक्ष्ण, स्निग्ध, मधुर, तिक्त, उष्णवीर्य, स्नेहक,
रक्तषोधक, ग्राही, कफ निस्सारक, वात-कफ-पित्तनाषक, गर्भाष्यरोग नाषक, मस्तिष्क और नाडियों का बल देने
वाला नेत्र ज्योति बढ़ाने वाला, भूख बढ़ाने वाला है। यह अग्निमांद्य, रक्तविकार, बवासीर, उदर रोग, शोथ, मूत्रदाह,

5- मूत्र कृच्छ, रक्तपित्त, कृषता, ग्रहणी, अतिसार आदि में फायदेमंद तथा नेत्रज्योति बढ़ाने वाला माना गया है।

6- खनिज पदार्थ भी गाजर में प्रचुर मात्रा में हैं। इसमें पोटेषियम, सोडियम, कैल्षियम, मैग्नीषियम, क्लोरीन,
फास्फोरस आयोडीन, कैरोटीन व लौह तत्व मौजूद होते है।

7- गजर में आर्दता 86 मिली, प्रोटीन 0.9 ग्राम, वसा 0.2 ग्राम, खनिज लवण 1.1 ग्राम, कार्बोहाइड्रेट 9.3 ग्राम,
रेषा 1.1 ग्राम, कैलोरी 45 ग्राम, कैल्षियम 39 मिग्रा, मैग्नीषियम 14 मिग्रा, फास्फोरस 37 मिग्रा, लौहा 0.8 मिग्रा,
सोडियम 35 मिग्रा, पोटेषियम 106 मिग्रा, गंधक 27 मिग्रा, तांबा 0.13 मिग्रा, क्लोरीन 13 मिग्रा, सिलिकन 2.5 मिग्रा,
विटामिन ‘ए’ 3150, थायोमिन 0.07 मिग्रा, रिबोफलेविन 0.06 मिग्रा, नाइसिन 0.5 मिग्रा तथा विटामिन
‘सी’ 6 मिग्रा पाए जातेे है।

8- गाजर में विटामिन ‘ए’ विषेष रूप से पाया जाता है। इसलिए गाजर का प्रतिदिन सेवन करने से आंखों की
कमजोरी दूर होती है तथा नेत्रदृष्टि दीर्घआयु तक बनी रहती है। साथ ही इसमें विटामिन बी, सी, डी, ई, जौ
और के भी मिलते है। अतः प्रतिदिन उचित मात्रा में गाजर का सेवन करना लाभकारी रहता है।

9- गाजर में विटामिन बी काम्पलेक्स होता है जो पाचन संस्थान को मजबूत बनाता है। इसमें भूख लगती है तथा
मुंह की बदबू दूर होती है। भोजन न पचना, पेट की वायु, आंतों में गैस, घाव आदि दूर करती है। गाजर रक्त को
शुद्ध करके, पेट को ठीक रखकर कई रोगों से बचाती है। यह शरीर की सभी क्रियाओं को सामान्य करती है।

10- गाजर में संतुलित भोजन के तत्व होते है। इसे खाने से थकान दूर होती है, मानसिक- शारीरिक- स्नायुविक शक्ति
पैदा होती है। जीवन में उमंग, साहस, शक्ति उत्पन्न होती है, रक्त की कमी दूर होती है। गाजर दिल-दिमाग तथा शारीरिक
शक्ति में वृद्धि करती है। गाजर के सेवन से पुरूषों में वीर्य की वृद्धि होती है। गाजर का सेवन करने से उदरकृमि नष्ट होते है।
आंख और कान के रोगों में गाजर काफी लाभदायक है। दमा के लिए तो गाजर श्रेष्ठ औषधि है।

11- गाजर का उपयोग कई तरह से किय जाता है। यह कच्ची फल की तरह तथा सलाद में खाई जाती है।
इसका रस विषेष गुणकारी रहता है। इसका हलुआ, अचार, साग, मुरब्बा, चटनी, रायता, सूप आदि भी बनाया जाता है।
ताजा हरी, गाजर का सेवन अधिक लाभप्रद होता है।

Gajar Carrot Khane Ke Fayde

गाजर के औषधीय उपयोग निम्न हैं-
1-गाजर की पुल्टिस गर्म करके, फोड़े- फुंसियों पर बाँधें।

2-गाजर व चुकन्दर के रस में आधा नींबू निचोड़ कर दिन में 2 बार पीये। सिर दर्द ठीक हो जाएगा। ष्

3-एक भाग प्याज व 3 भाग गाजर का रस मिलाकर दिन में 3 बार पीने से जुकाम-सर्दी छीक हो जाती है।

4-500 ग्राम गाजर के रस में समभाग बकरी का दूध मिलाकर पकाएं। दूध शेष रहने पर ठण्डा कर दिन में 2-3 बार सेवन करें।

5-1 गिलास गाजर के रस में 8 बूंद लहसुन का रस मिलाकर, दिन में 3 बार पीने से रक्तचाप वृद्धि सामान्य रहने लगती है।

6-बार-बार पतले दस्त हो रहे हो तो गाजर को उबालकर, उसका सूप बना कर दिन में 3 बार पीने से आराम होता है।

7-गाजर के पत्तों के दोनों ओर घी लगाकर, हल्का सा गर्म करके, इसका रस निकालकर 2-2 बूंद नाक व कान में डालने से रोग शीघ्र नष्ट होता है।

8-रोगी को प्रतिदिन नमक व खटाई रहित, गाजर का साग बनाकर खाने से लाभ होता है।

9-गाजर के रस की 4-5 बूंद नाक के दोनों छिद्रों में डालने से हिचकी रूक जाती है।

10-पेषाब ठीक से न आता हो, पेषाब करते समय जलन या दर्द हो तो कुछ दिन गाजर का रस सेवन करने से फायदा होता है।

11-जिन महिलाओं को प्रसव के बाद दूध कम आता हो, उन्हे गाजर के रस का सेवन करना चाहिए।

12-रोजाना प्रातः बादाम खाकर, 1 कप गाजर का रस पीकर, दूध पीने से शरीर में खून की वृद्धि होती है तथा मस्तिष्क को शक्ति मिलती है।

13-गाजर के रस के साथ, पालक का रस मिलाकर पीने से, सांस की दुर्गन्ध दूर होती है।

14-गाजर को कुचलकर, बालों की त्वचा में रगड़कर स्नान करने से 15 दिन में बाल झड़ने बंद हो जाते है।

15-गाजर के रस को रात के समय त्वचा पर मलकर प्रातः ठण्डे पानी से धोने से त्वचा साफ, चमकदार व मुलायम हो जाती है।

16-कच्ची गाजर खाने से आंत्रकृमि नष्ट होते है।

17-प्रतिदिन गाजर का रस पीने या कच्ची गाजर चबाने से या गाजर का मुरब्बा खाने से अर्ष रोग नष्ट हो जाता है।

18-तिल्ली बढ़ जाने पर इसका अचार खाने से लाभ होता है।

19-इसका निचोड़ा हुआ पानी नियमित रूप् से पिलाने पर पागलपन ठीक होता है।

20-गाजर को भूनकर, उसकी कतली काटकर, रातभर खुली हवा में रखकर, प्रातः गुलाब को डालकर व मिश्री मिलाकर सेवन करने से हृदय की धड़कन में फायदा होता है।

Carrot Gajar 41 Benefits hindi

21-गाजर के बीजों की धूनी देने से प्रसव वेदना कम होकर प्रसव सरलता से होता है।

22-व्रण पर गाजर के बीजों का चूर्ण छिड़केें।

23-कच्ची गाजर की कतली काटकर, सेंधा नमक, अदरक नींबू का रस मिलाकर खाएं।

24-गाजर के बीज व इसके पत्तों का क्वाथ पिलाने से प्रसव के समय होने वाली पीड़ा कम हो जाती है।

25-जले स्थान पर कच्ची गाजर पीसकर लगाएं, इससे जलन शांत होगी।

26-1 गिलास गाजर के रस में शहद मिलाकर पीने से छाती का दर्द दूर होता है।

27-पीलिया होने पर गाजर का रा नियमित पीने से लाभ होता है।

28-गाजर के रस में मिश्री व कालीमिर्च मिलाकर सेवन करने से खाँसी ठीक हो जाती है।

29-गर्भपात के बाद गाजर का रस नियमित रूप से पीने से गर्भाषय के दूषित पदार्थ बाहर निकल जाते हैं।

30-गाजर के रस में उससे आधा पालक का रस मिलाकर, नमक, जीरा डालकर पीने से मधुमेह में फायदा होता है।

Gajar Khane Ke Kya Fayda Hota Hai ?

31-कान के भीतर दर्द होने पर गाजर का रस गुनगुना गर्म करके डालने से राहत मिलती है।

32-गाजर को उबाल कर, उसकी लुगदी घाव पर लगाने से घाव ठीक हो जाते है।

33-गाजर का रस मुंह में रखकर पी जाएं इससे मुंह के छाले जल्दी ठीक हो जाते है।

34-गाजर का रस प्रतिदिन पीने से दांतों और मसूढ़ों के रोगों में फायदा होता है। कच्ची गाजर चबाकर खाने से भी लाभ होता है।

35-गाजर को नियमित खाने से गाजर का रस पीने से रूप निखर उठेगा।

36-गाजर का रस नियमित रूप से पीने से आँखों की जलन तथा आँखों से पानी आना ठीक हो जाता है।

37-गाजर का रस पीने से दांत आसानी से निकलते है।

38-गाजर का रस पीने से मलद्वार की जलन व पीड़ा नष्ट होती है।

39-2 माह तक गाजर का हलुआ खाने से स्मरण शक्ति बढ़ती है।

40-गाजर का रस 200 ग्राम व पालक का रस 50 ग्राम मिलाकर पीने से कब्ज दूर होती है।

41-नियमित रूप से गाजर का रस पिलाने से बच्चे हष्ट-पुष्ट बनते है।