Cholera Haiza (हैज़ा- Haija ) treatment Hindi

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Cholera Treatment Hindi – Haija (haiza) हैजा disease in english – Cholera

हैजा रोग एक भयंकर रोग है। इसे महामारी भी कहते है। यह रोग गर्मी के अंत या बरसात के शुरूआत में होता है। अगर इसका इलाज समय से न किया जाए तो भयंकर परिणाम देखने को मिलते है। हैजा रोग मक्खियों तथा जीवाणुओं के द्वारा होता है। यह रोग एक लोग से दूसरे तक फैलता जाता है। इस रोग के होने पर 80-90 प्रतिशत रोगी सही इलाज न होने के कारण मौत के शिकार हो जाते हैं। हैजा रोग में दस्त व उल्टी शुरू हो जाती है। उल्टी व दस्त को रोकने के साथ-साथ हैजा को फैलने से भी रोकना चाहिए।

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Cholera Haiza (हैज़ा- Haija )  kaise Hota Hai?

Cholera Haiza (हैज़ा- Haija ) Ke Karan – यह एक संक्रमित बीमारी है। हैजा के जीवाणु भोजन व पानी के साथ मिलकर शरीर में प्रवेश कर जाते है। शरीर में प्रवेश करते ही ये जीवाणु दूसरे या तीसरे दिन अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर देते हैं। यह रोग बासी भोजन, अपचनीय खाद्य पदार्थों के सेवन, दूषित पानी पीने, काम के दौरान थके होने पर पानी पीने तथा गंदे वातावरण में रहने आदि से फैलता है। नदी, नाला, तालाब आदि का पानी पीने से, खुली वस्तुओं, मिठाईयों, मल, मूत्र, उल्टी व थूक द्वारा भी यह रोग उत्पन्न होता है।

Cholera Haiza (हैज़ा- Haija ) Ke Lakshan

Cholera Haiza (हैज़ा- Haija ) रोग के लक्षण- हैजा रोग होने पर रोगी को उल्टी व दस्त होने लगती है। दस्त पतला व सफेद होता है। पेशाब बंद हो जाती है और प्यास ज्यादा लगती है। शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है। शरीर दर्द के साथ अंकडने लगता है। रोगी बिल्कुल कमजोर हो जाता है। ये तमाम लक्षण रोगी के लिए प्राणघातक सिद्ध होते है। परहेज व सुझावः- रोगी को बर्फ चूसने को देना चाहिए।- भोजन में ठोस चीजें नहीं खाना चाहिए।

Cholera Haiza (हैज़ा- Haija ) Treatment Hindi

1 गूलर के पत्तों को पीसकर 4-5 चम्मच रस निकाले लें। इस रस को पानी में घोलकर रोगी को जितनी बार पिला सकें पिलाते रहें। इससे काफी लाभ मिलेगा।

2 रोगी को तुलसी के 5-6 पत्ते व 4-5 दाने कालीमिर्च की चटनी बनाकर खिलाने से हैजा रोग दूर होता है।

3 जायफल के चूर्ण में थोड़ा-सा गुड़ मिलाकर खिलाने से रोगी को काफी फायदा मिलता है।

4 फलों का रस, फलों का शरबत, दही, लस्सी, नींबू-पानी आदि थोड़ा-थोड़ा पीना चाहिए।

5 मूंग की दाल की पतली खिचड़ी खाना चाहिए। साथ में पुदीना की चटनी भी इस्तेमाल करें।6 अगर रोगी को पेषाब न आये तो पेडू पर कलमी शोरा कपड़े में बांधकर रखें।

7 नीम की 10-12 पत्तियों को पीसकर पानी में घोलकर रोगी को पिलाने से नीम हैजे के रोगाणुओं को खत्म कर देती है।

8 चार चम्मच प्याज का रस, एक नींबू का रस, थोड़ी-सी कालीमिर्च व एक चुटकी नमक इन सभी को तुलसी की पत्तियों के पानी में मिलाकर थोड़ी-थोड़ी देर बाद रोगी को पिलाने से हैजे से छुटकारा मिल जाता है।

9 नारियल का पानी 5-6 बार पिलाने से हैजे की उल्टी बंद हो जाती है।

10 सोंठ, कालीमिर्च, अजवायन व पुदीना को पीसकर चूर्ण बना लें। फिर गर्म किए हुए पानी के साथ 3-4 ग्राम की मात्रा में चूर्ण थोड़ी-थोड़ी देर बाद दें। पानी में 5-6 पत्तियाँ तुलसी की डाल दें और इस पानी को खौलाकर ठंडा करके रख लें। इसमें थोड़ा-सा नमक, थोड़ी-सी शक्कर व नींबू का रस डालकर बार-बार पिलाते रहें। रोगी केे पेट में पानी कम नहीं होना चाहिए। इससे हैजा रोग शान्त हो जायेगा।

11 रोगी को सौंफ का रस तथा इलायची का रस मिलाकर पिलाएं। हैजे में काफी लाभ मिलेगा।12 पानी में कपूर का रस मिलाकर रोगी को 4-5 बार पिलाने से फायदा होता है।

13 जहां रोगी लेटा हो, वहां काफी सफाई रखें। लहसुन की चार-पाँच कलियां रोगी के सिरहाने व पैरों के पास रख दें। इससे हैजे के कीटाणु नष्ट हो जाते है।

14 एक चम्मच शहद में एक रत्ती फिटकरी का चूर्ण मिलाकर देने से भी रोगी को काफी फायदा होता है।

15 लौंग का पानी देने से रोगी की उल्टी जल्द ही रूक जाती है और पेषाब आने लगता है।

16 दस्त के समय आम के कोपलों की चटनी बनाकर आधा लीटर पानी में उबालें। जब पानी आधा रह जाए तो छानकर धीरे-धीरे पिलाएं, इससे उल्टी व दस्त दोनो बंद हो जाएगी।

17 4-5 चम्मच करेले का रस लेकर उसमें थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर रोगी को थोड़ी-थोड़ी देर बाद पिलाने से हैजा में आराम मिलता है।18 रोगी के शरीर पर सरसों का लेप करने से उल्टी व दस्त में काफी फायदा होता है।