Banana Benefit Hindi-

banana benefits

Banana Benefit Hindi (Kela-केला )

विलक्षण गुणों से भरपूर केला प्रकृति की एक अनुपम देन है। हल्के हरे पीले रंग में लिपटा हुआ सफेद नरम कुदरत का अनोखा क्रीम रोल है- ‘‘केला’’। केला एक ऐसा फल है जो शहरों में ही नहीं बल्कि छोटे से छोटे गांव में भी उपलब्ध रहता है। यह जितना सस्ता है उतना ही पौष्टिक और गुणकारी होता है। शरीर के लिए आवश्यक सभी विटामिन और खनिज लवण केले में होते हैं। प्रकृति इस फल को भारी मात्रा में इसलिए पैदा करती है कि यह सस्ता बना रहे और गरीब से गरीब व्यक्ति भी इसे पा सके।

भारत में केले को शुभ फल माना गया है। विवाह, उत्सवों आदि में केले को शुभकारी मानते हुए इसका प्रयोग किया जाता है। केले का प्रत्येक भाग काम में आता है। दक्षिण भारत में इसके फलों तथा पत्तों की सब्जी बनाई जाती है और इसके तने से जो रस निकलता है, उससे रंगाई की जाती है। केला कई रोगों से छुटकारा शरीर को स्वस्थ व शक्तिशाली बनाता है।

इसे संस्कृत में-कदली, मोचा, हिन्दी में-केला, कदली, मराठी में-केल, गुजराती में-केलु, बंगला में-केला, कन्नड में-कवाले, तेलगु में-कदली, तामिल में-वाले, फारसी में-मोज तथा अंग्रेजी में-बनाना कहते हैं।

केला अच्छी सुगन्ध वाला स्वादिष्ट फल है। पौष्टिकता के दृष्टिकोण से यह सस्ता ही नहीं सुपाच्य भी है। इस मंहगाई में केला निःसंदेह पोषक तत्व प्रदान करने का उत्कृष्ट साधन है। केला खाने से शरीर हष्ट-पुष्ट व बलवान होता है। छोटे बच्चों के लिए तो यह उत्तम आहार है।

इसका उपयोग बलवीर्य की वृद्धि करने, शरीर में मांस वृद्धि करने के लिए किया जा सकता है। इसमें आहार के समान सभी पौष्टिक तत्व होते हैं। अतः इसका सेवन आहार के रूप में भी किया जा सकता है। केला भोजन के साथ या भोजन के अनत में खाना चाहिए।

कच्चा केला मीठा, ठण्डी तासीर का, भारी, स्निग्ध और कफ, पित्त, रक्त विकार, जलन, घाव व वायु को नष्ट करता है। जबकि पका हुआ केला शीतल, स्वादिष्ट, मधुर, वीर्यवर्द्धक, पौष्टिक, रूचिकार, मांस की वृद्धि करने वाला तथा भूख, प्यास, नेत्ररोग और प्रमेह का नाश करने वाला होता है।

प्रति 100 ग्राम केले में प्रोटीन 1.1 ग्राम, वसा 0.1 ग्राम, कार्बोहाइड्रेट 24.7 ग्राम, ऊर्जा 104 कैलोरी, कैल्शियम 10 मिग्रा., फास्फोरस 30 मिग्रा., लोहा 0.5 मिग्रा., मैग्नैशियम 34 मिग्रा., सोडियम 36.6 मिग्रा., पोटेशियम 88 मिग्रा., काॅपर 40 मिग्रा., सल्फर 7 मिग्रा., विटामिन ‘ए’ 124 प्ण्व्ण्, थायमिन 0.05 मिग्रा., रायबोफलेविन 0.17 मिग्रा., निकोटानिक एसिड 0.3 मिग्रा., नियासिन 0.5 मिग्रा., तथा विटामिन ‘सी’ 6 मिग्रा. पाए जाते हैं।

दिल के मरीजो के लिए केला काफी फायदेमंद है क्योंकि इसमें मैग्नेशियम काफी मात्रा में होता है। दिल का दौरा पड़ने के फौरन बाद अगर मरीज को केले का सेवन कराया जाए तो उसकी अचानक मौत हो जाने की आशंका आधी रह जाती है।
आजकल अधिकांश दुकानदार केला पकाने के लिए निषिद्ध कैल्शियम कार्बोहाइड का उपयोग करते है। जिससे केला कुछ ही घंटों में पक कर तैयार हो जाता है। परन्तु जहरीले कार्बोहाइड रसायन से पकाने के बाद यही पौष्टिक केला हृदय जैसे कोमल अंगों पर बुरा प्रभाव डालता है।

केला अनेक बीमारियों में लाभदायक है। केले के शर्करा आंतों में पनपने वाले अनेक हानिकारक जीवाणुओं की प्रगति में बाधक सिद्ध होती है। अतः केला जीवाणुओं द्वारा उत्पन्न की गई आंतों की व्याधियों में प्राकृतिक औषधि के रूप में काम में लाया जाता है। यह आंतों को सड़ने से रोकता है व रक्त की क्षारीयता को बढ़ाता है तथा अम्लता जनित रोगों को दूर करता है।

केले के औषधीय उपयोग निम्न हैं-

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श्वेतप्रदर- 1. दो केले रोज खाएं, लाभ होगा।

2. एक पका हुआ केला 1 चम्मच घी के साथ सुबह-शाम एक सप्ताह तक खाएँ।

3. दो केले खाकर, ऊपर से दूध में शहद मिलाकर पीने से श्वेतप्रदर में लाभ होता है। दूध में केले की खीर बनाकर खाने से भी लाभ होता है।

पीलिया- दो पके केले में 1 चम्मच शहद मिलाकर अच्छी तरह फेंट लें और सुबह-शाम रोगी को खिलाएं।

नकसीर- 1. एक गिलास दूध में शक्कर मिलाकर, दो केलों के साथ 10 दिन तक नियमित रूप से सेवन करें फायदा होगा।

2. केले के तने के सफेद भाग (भीतर का) को कूटकर, उसके रस से साफ कपड़ा भिगोकर सूंघने से नकसीर आना बंद हो जाता है।

पेचिश- 1. पके केले को मसलकर, नमक और पिसा जीरा डालकर खिलाएं।

2. पके केले के गूदे में गुड़, नमक या दही मिलाकर खिलाएं।

सूजन- यदि शरीर में कहीं सूजन आ गई हो तो केले के गूदे को आटे में गूंथकर, गर्म करके उस जगह पर रखें। 3-4 बार के प्रयोग से सूजन कम होती जाएगी। केले का छिलका बांधने से भी सूजन कम हो जाती है।

मरोड़ युक्त पेचिश- दो पके केले के गूदे में थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर दिन में 2-3 बार खिलाएं।

आग से जलना- पके केले को पीसकर जले हुए स्थान पर लगाने से लाभ होता है। जले में ठंडक मिलती है तथा छाले भी नहीं पड़ते हैं।

जीभ के छाले- दो-तीन दिन तक नियमित रूप से दही के साथ केला खाएं।

दस्त- 1. दो केले 250 ग्राम दही के साथ कुछ दिन खाने से लाभ होता है।

2. कच्चे केले की सब्जी बनाकर खाना लाभदायक है।

3. छोटे बच्चों को दस्त लगने पर पके केले को इतना घोटें कि वह मक्खन की तरह पतला हो जाए। इसे बच्चे को चटा दें।

रक्ताल्पता- नियमित रूप से केला खाने से शरीर में खून की कमी दूर होती है तथा शरीर बलशाली बनता है।

बवासीर- केले के गूदे में तीन खटमल रखकर रविवार या मंगलवार को बिना रोगी को बताये खिला दें।

मूत्रावरोध- 1. चार चम्मच केले के तने का रस, 2 चम्मच घी में मिलाकर पिलाने से पेशाब खुलकर आने लगता है।

सोमरोग- 1. पका केला व 20 ग्राम आंवले का रस मिलाकर, उसमें शक्कर और शहद मिलाकर फेंटे और इसका सेवन करें।

जोड़ो का दर्द- प्रतिदिन 5-6 केले खाने से जोड़ो के दर्द में लाभ होता है।

अम्लपित्त- पके केले को मथकर, देशी खांड व इलायची मिलाकर खाएं, एसिडिटी शांत होगी।

चोट लगना- यदि खून बह रहा हो तो केले के डण्ठल का रस लगाएं, खून रूक जाएगा और घाव भी जल्दी भर जाएगा।

टी.वी.- कच्चे केले या केले के तने का रस 1-2 कप दिन में 2-3 बार कुछ दिनों तक पिलाने से रोग से छुटकारा मिल जाएगा।

चर्म रोग- पके केले के गूदे को नींबू के रस में पीसकर लगाने से दाद, खाज, खुजली, एग्जीमा व गंजापन जल्दी ठीक हो जाते है।

प्रदर रोग- कच्चे केले का चूर्ण बनाकर उसमें समभाग गुड़ मिलाकर 10-10 ग्राम की मात्रा दिन में 3 बार लेने से प्रदर रोग से मुक्ति मिल जाती है।

हृदयशूल- दो पके केले, 10 ग्राम शहद में मिलाकर खाने से लाभ होता है।

अतिसार- उबले हुए कच्चे केले की रोटी बनाकर खाने से दस्त बंधकर आने लगता है।

गैस्ट्रिक अल्सर- दूध और केला एक साथ खाने से लाभ होता है।

सर्पविष- केले के तने का रस पिलाने से विष प्रभावहीन हो जाता है।

Banana Control High Blood Pressure – केले के तने का ताजा रस 50 मिली. सुबह-शाम पीने से लाभ होगा। केला खाने से भी उच्च रक्तचाप में लाभ होता है।

पीलिया- छिलके समेत एक केले के ऊपर भीगा हुआ चूना लगाकर रातभर ओस में रखें और सुबह केला छीलकर खाएं। लगातार 21 दिन तक यह प्रयोग करने से पीलिया रोग नष्ट हो जाता है।

खाँसी- केले के तने का रस खाँसी दूर करता है।

काली खाँसी- पेड़ केे तने के भीतरी भाग के टुकड़े करके धूप में सुखा कर चूर्ण बना लें। 1 छोटा चम्मच चूर्ण शहद के साथ सुबह-शाम 8-10 दिन तक चटाएं। खाँसी ठीक हो जाएगी।

पेट की जलन- दही और चीनी के साथ पका केला खाने से पेट की जलन मिटती है।

बच्चों में मिट्टी खाने की आदत- खूब पके हुए केले को शहद के साथ खिलाने से बच्चों की मिट्टी खाने की आदत छूट जाती है।

पेट के कीड़े- 1. केले की जड़ को धोकर धूप में सुखाकर पीस लें। 2 माशा चूर्ण रात को हल्के गर्म जल के साथ 1 सप्ताह तक दें, कीड़े नष्ट हो जाएंगे।

2. केले जड़ को धोकर, घी और गुड़ के साथ पकाकर खाने से कीड़े मर जाते हैं।

Banana control Diabetes – इस फल का रस सुबह-शाम सेवन करें, लाभ होगा।

Banana Cure Ear Pain – केले के तने का रस हलका गर्म करके कान में डालने से कान का दर्द मिट जाता है।

आंत्र ज्वर- केला खाने से टायफाइड (आंत्र ज्वर) में लाभ होता है।

आमाशय व्रण- 1. कच्चा केला सुखाकर पीस लें। 2 चम्मच चूर्ण ठण्डे दूध में घोल कर सुबह-शाम पियें, अमाशय के घाव ठीक हो जाएंगे।

2. कच्चे केले खाने या कच्चे केले की बिना नमक की सब्जी खाने से भी घाव ठीक हो जाएंगे।

banana digestive benefits भोजन के बाद 2 केले खाने से पाचन शक्ति बढ़ती है।

energy banana shake – एक गिलास गर्म दूध में 1 चम्मच घी, पिसी इलायची व शहद मिला लें। केला खाते हुए 1-1 घूंट दूध पिएं। इस प्रकार 2-2 केले दिन में 3 बार खाने से बल, वीर्य और शुक्राणु की वृद्धि होती है।

bananas cure asthma एक पका केला छिलके सहित सेंक लें। फिर छिलका हटाकर काली मिर्च बुरक कर दमा के रागी को खिलाएं। दमा के तेज दौरे से शीघ्र लाभ मिलेगा। केला गरम-गरम रहते ही खिला दें, अन्यथा लाभ नहीं करेगा।

banana for asthma patient –  केले का थोड़ा-सा छिलका हटाकर, चाकू से छेद बनाकर उसमें चैथाई चम्मच नमक, काली मिर्च मिलाकर भर दें। छेद पर गूदा लगाकर छिलका लगा दें और रात को ओस में रख दें। प्रातः इस केले को सेंककर गर्म-गर्म ही खाएं। दमा में आराम आएगा।

banana for period pain –  केले के फूलों का दही के साथ सेवन करने से मासिक धर्म के समय पीड़ा होना व अत्यधिक रक्तस्त्राव आदि रोग ठीक होते है।

Loose Motion, Vomiting Banana Treatment Hindi दो केले मसलकर चीनी व इलायची मिलाकर खाएं लाभ होगा। इससे बड़ों व बच्चों के हर प्रकार के दस्त, जठरषोथ, वृहदांत्र-षोथ और आमाषय व्रण, जी मिचलाना, अंतड़ियों की सूजन व जलन में लाभ होगा।

Weight gain banana hindi –  दही में केला और मिश्री मिलाकर खाने से दुबलापन दूर होता है, प्रतिदिन केला खाकर गर्म दूध पीने से भी दुबलापन दूर होता है।

Weight loss by banana- 6 केले, 4 गिलास सप्रेटा दूध में प्रतिदिन लेने से वजन कम होता है।