Awale Ke 28 Fayde – आँवले से रोगो का इलाज

Avale se Rogo ka upchar

Awale Ke 28 Fayde -Awale Se Rogo Ka Upchar

Avale se Rogo ka upchar

Awale ke fayde

1- Awale ke fayde hindi me – बहुमूत्र-आंवले की गुठली के अंदर बीज होते हैं। उन बीजों का चूर्ण शहद और शक्कर के साथ प्रयोग करने से श्वेत एवं रक्त प्रदर में लाभ होता है। इन बीजों का चूर्ण शहद के साथ चाटना बहुमूत्र में बहुत गुणकारी है।

2- अम्लपित्त-षक्कर के साथ आंवले का प्रयोग करना अम्लपित्त में गुणकारी है।

3- Amla khane ke fayde – मूत्रकृच्छ-ताजे आंवलों का रस सौ ग्राम तथा शहद पचास ग्राम- दोनों को मिलाकर दिन में दो बार पीने से पेषाब की जलन दूर होगी। पेषाब खुलकर आएगा।

4- Amla khane ke fayde hindi me – रक्तपित्त-रक्तपित्त रोग में दही के साथ आंवले का प्रयोग करना लाभदायक है।

5- Amla ka murabba ke fayde in hindi – हृदय की दुर्बलता- आंवले के मुरब्बे को चांदी के असली वरक में लपेटकर खाने से हृदय की दुर्बलता दूर होती है। इससे हृदय के सभी रोग नष्ट हो जाते है तथा स्मरण शक्ति बढ़ती है। जिन बालकों को पढ़ा हुआ पाठ याद नहीं रहता अथवा वृद्धावस्था में जिनकी याददाषत कमजोर हो, उनके लिए आंवले का मुरब्बा गुणकारी है।

6- Amla ke fayde balo ke liye -आंवला और आम की गुठली-दोनों को समान मात्रा में पीसकर बालों में लेप करने से सफेद बाल काले, घने, मुलायम और चमकदार हो जाते है।

7- चक्कर आना-आंवला तथा धनिया-दोनों दस-दस ग्राम लेकर थोड़े से पानी में भिगोकर रात भर के लिए रख दें। सुबह उस पानी में मिश्री मिला-छानकर पिएं। तीन-चार दिनों तक ऐसा करने से चक्कर आना बंद हो जाता है।

8- शारीरिक दुर्बलता-प्रातःकाल आधा कप ताजे आंवले के रस में दो चम्मच शहद तथा आधा कप पानी मिलाकर पिएं। इससे थके हुए ज्ञान-तंतुओं को उत्तम पोषण मिलता है। इसे कुछ दिन नित्य पीने से शरीर की दुर्बलता दूर होकर नई शक्ति आ जाती है।

9- एक चम्मच आंवले के चूर्ण में दो चम्मच शहद मिलाकर चाटें तथा ऊपर से दूध पिएं। इससे स्वास्थ्य सदैव अच्छा बना रहता है और शारीरिक दुर्बलता दूर होती है।

10- मधुमेह-सूखे आंवले और जामुन की गुठली की मींग-दोनों का समभाग लेकर चूर्ण बना लें। प्रतिदिन प्रातः काल निहारमुंह सात ग्राम चूर्ण का सेवन गाय के दूध अथवा पानी के साथ करने से मधुमेह रोग ठीक हो जाता है।

11- प्यास की अधिकता-यदि गर्मी के दिनों में अधिक प्यास सताए, रक्त के भीतर तेजी हो और बलगम का असर हो, तो सौ ग्राम

12- सूखे आंवले को मिट्टी के किसी बर्तन में डालकर उसे पानी से भर दें। चार घंटे बाद जब भी प्यास लगे, उसमें से थोड़ा-सा पानी पी लेें। यदि दूध पीने वाले छोटे बच्चों को गरमी के दिनों में दस्त लग जाएं और अधिक प्यास की षिकायत हो, तो उन्हें भी यही पानी चम्मच द्वारा पिलाएं।

13- अतिसार-सूखे आंवलों को पानी में भिगोकर पीस लें। फिर उनमें थोड़ा-सा नमक मिलाकर मटर के दाने के बराबर गोलियां बना-सुखाकर रखें। प्रतिदिन एक-एक गोली सुबह-षाम खाने से अतिसार दूर होकर मेदा शक्तिषाली बनता है।

14- नकसीर-आंवले का जल पिलाने या आंवलों को जल में पीसकर मस्तक, तालु तथा नाक पर लेप करने से नाक से रक्त गिरना बंद हो जाएगा।

15- दृष्टिमांद्य-आंवले के रस में कृष्ण सर्पवसा तथा शहद मिलाकर नेत्रों में आंजने से दृष्टिमांघ दूर होकर नेत्र-ज्योति बढ़ती है। रात को एक गिलास जल में छह ग्राम सूखा आंवला भिगों दें। प्रातःकाल इस जल को कपड़े से छानकर नेत्रों को धोएं। इससे नेत्रों के अनेक रोग दूर होकर नेत्र-ज्योति बढ़ जाएगी। इसी के साथ एक चम्मच आंवले का चूर्ण रात में भोजन के बाद जल से लें। बहुत लाभ होगा।

16- कब्ज-रात को सोते समय एक चम्मच पिसा हुआ आंवला जल या दूध के साथ लेने से प्रातः काल शौच खुलकर आता है। इससे पेट साफ होकर कब्ज दूर हो जाती है।

18- दमा-आंवले के रस में पीपल का चूर्ण और शहद मिलाकर सेवन करने से दमा रोग में काफी लाभ होता है।

19- वमन-यदि गर्भावस्था में किसी महिला को अत्यधिक वमन की षिकायत हो, तो आंवले का मुरब्बा खाने से काफी लाभ होता है।

20- हैजा-सूखा आंवला तथा काला नमक-दोनों को समान मात्रा में पीस लें। आधा चम्मच चूर्ण जल के साथ लेने से हैजे का दस्त तुरंत बंद हो जाता है।

21- पथरी- सूखे आंवले को पीसकर चूर्ण बना लें। फिर पांच ग्राम चूर्ण मूली के रस के साथ सेवन करने से मूत्राषय की पथरी में बहुत लाभ होता है।

22- शीघ्रपतन-यदि कुप्रवृत्ति के कारण वीर्य पतला हो गया हो अथवा शीघ्रपतन हो, तो आंवले का चूर्ण तथा पिसी हल्दी का समभाग घी में भूनकर उसमें उतनी ही मिश्री मिलाएं। इस मिश्रण की एक-एक चम्मच सुबह-षाम गर्म दूध के साथ फंकी ले। कुछ ही दिनों में वीर्य गाढ़ा होकर शीघ्रपतन का दोष समाप्त हो जाएगा।

23- प्रदर रोग-तीन ग्राम आंवले के चूर्ण में छह ग्राम शहद मिलाकर नित्य एक बार तीस दिनों तक खाने से श्वेत प्रदर में काफी लाभ होता है।

24- मूत्रांग में जलन- जिस स्त्री के मूत्रांग में जलन हो, वह आंवले के ताजे रस में चीनी मिलाकर प्रतिदिन प्रातः काल पिएं। इससे मूत्रांग की जलन दूर होती है।

25- रूखी त्वचा-पिसे हुए आंवले को जल के मिलाकर शरीर पर मलने से रूखी त्वचा साफ, चिकनी और मुलायम होकर आभायुक्त हो जाती है।

26- प्रमेह रोग-दो चम्मच शहद में दो चम्मच आंवले का रस मिलाकर सेवन करें। इससे प्रमेह रोग और हर प्रकार की दुर्बलता दूर होती है।

27- Amla churan ke fayde in hindi – बवासीर-सूखे आंवले को बारीक पीस लें। एक छोटा चम्मच चूर्ण सुबह-षाम छाछ या गोदुग्ध के साथ लेने से खूनी बवासीर में आराम मिलता है।

28- Kache Awale ke fayde – हकलाना-तुतलाना-जो बच्चा तुतलाकर अथवा हकलाकर बोलता हो, उसे प्रतिदिन आंवला चबाना चाहिए। कुछ ही दिनों में जुबान पतली होकर आवाज साफ हो जाएगी।