Apple Seb benefits

Apple ke 36 gharelu nuskhe

Apple Seb Khane Ke Fayde  – सेब प्रकृति की एक अनूठी देन है। पोषक तत्वों से युक्त फलों में सेब का एक विशिष्ट स्थान हैं। सेब एक सर्वपरिचित फल है। हमारे देश में सबसे अच्छा सेब कश्मीर में होता है, जो गुणवत्ता की दृष्टि से अति श्रेष्ठ होने से सारी दुनिया में मशहूर है।
यह एक गूदादार फल है। जिस पर सख्त छिलका होता है। यह हल्के हरे, पीले एवं चमकीले लाल रंगों का होता है। पका, मीठा और लाल रंग का बुंदकी वाला सेब खाने में मीठा और चबाने में फुसफुसा होता है।
Apple (Seb) संस्कृत में- मुष्टिप्रमाण, सेब, हिन्दी में-सेब, मराठी में-सेब, गुजराती में सफरजन, बंगला में सेव, पंजाबी में पालू, फारसी में सेव तथा अंग्रजी में एपल (apple) कहते हैं। इसका लेटिन नाम पायरस मेलस है।
सेब विटामिन और खनिज पदार्थो से भरपूर एक पौष्टिक फल है। कच्चे सेब में स्टार्च की हल्की मात्रा होती है जो पकने पर शर्करा में बदल जाती है। शर्करा के साथ ही सेब में अम्ल की मात्रा भी बढ़ती जाती है। सेब को छिलके सहित ही खाना चाहिए क्योंकि छिलके एवं इसके ठीक नीचे के हिस्से में विटामिन ‘ए’ और ‘सी’ की मात्रा ज्यादा होती है।

Apple ke 36 gharelu nuskhe

Apple Benefits Hindi

किसी अन्य फल की तुलना में इसमें अधिक फास्फोरस एवं लौह होता है, जिससे यह शारीरिक एवं मानसिक दोनों रूप से स्वस्थ बनाता है। यह शक्तिदायक फल है। सेब अच्छे स्वास्थ्य एवं कुछ रोगों के उपचार के लिए बहुत लाभदायक है।
सेब में 84.6 प्रतिशत नमी, 0.2 प्रतिशत प्रोटीन, 0.5 प्रतिशत वसा, 0.3 प्रतिशत खनिज, 13.4 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट औश्र 1.0 प्रतिशत रेशा होता है। प्रति 100 ग्राम सेव में लगभग 10 मिग्रा. कैल्शियम, 14 मिग्रा. फास्फोरस और 40 अ. इकाई विटामिन ए प्राप्त होता है। इसमें 59 अ. इकाई कैलोरी प्राप्त होती है। इसके अतिरिक्त इसमें शर्करा, पोटेशियम, सोडियम, मैग्नीशियम, सल्फर, थियामीन आदि कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं।
सेब वात एवं पित्त का शमन करने वाला पौष्टिक, कफकारक, भारी, पाक तथा रस में मधुर, शीतल, रूचिकारक और वीर्यवर्द्धक फल है।
सेब हृदय, मस्तिष्क, यकृत और अमाशय को बल देने वाला, शरीर को पुष्ट और सुडौल बनाने वाला फल है।

Apple Seb Se Rog Ka Upchar – Apple Treatment Hindi

1-सुबह-शाम नियमित रूप से एक सेब खाने से गुर्दे का दर्द जाता रहता है।

2-सेब के मुरब्बे पर चाँदी का वर्क लगाकर सुबह-सुबह खाने से दिल की धड़कन एवं कमजोरी ठीक होती है।

3-जिनको प्रायः सर्दी-जुकाम होता रहता हो सिर में भारीपन रहता हो उन्हें भोजन के पहले एक सेब खाना चाहिए।

4-सेब को शहद के साथ खाना हृदय रोग के उपचार के लिए अच्छा माना जाता है।

5-भोजन से 10 मिनट पूर्व बिना छीले 1 सेब 10 दिन तक सेवन करें। या रोजाना सुबह-शाम सेब का मुरब्बा चांदी का वर्क लगाकर खाएं।

6-सुबह-शाम 1 सेब खाने से लाभ होता है।

7-अतिसार में सेब आग पर पकाकर खाएं।

8-कच्चे खट्टे सेब का रस 1-2 कप, सुबह 7-8 दिन तक पीने से भूख खुलकर लगने लगती है।

9-आमाषय एवं आंतों के घावों में सेब का रस पीते रहने से आराम मिलता है।

10-खट्टे सेब का रस निकालकर मस्सों पर लगाने से खून आना बंद होता है और मस्से धीरे-धीरे टूट कर गिर जाते है।

11-सुबह-षाम एक गिलास सेब का रस नियमित रूप से पीने से पथरी गलकर मूत्र मार्ग से निकल जाती है और पथरी बनना बंद हो जाता है। गुर्दे के दर्द में आराम होता है और पेषाब में जलन व रूकावट दूर होती है।

12-भोजन के बाद एक सेब रोज खाने से दांत मजबूत व मसूढ़े निरोग बने रहते है। सेब में मौजूद अम्ल मुंह और दांतों में मौजूद जीवाणुओं को नष्ट कर देता है। इसका नियमित सेवन करने पर दंतक्षय को रोका जा सकता है।

13-प्रतिदिन सुबह खाली पेट छिलका सहित सेब खाने से शरीर की चर्बी कम होकर, मोटापा दूर होता है।

14-एक सेब के छोटे-छोटे टुकड़े काटकर उस पर लगभग 300 मिग्रा. पानी उबलता हुआ डालकर रख दें। ठंडा होने पर पी लें।
यह शीघ्र रक्त में मिलकर हृदय, मस्तिष्क, यकृत और शरीर के हर कोष में शक्ति व स्फूर्ति पहुंचाता है एवं शरीर के विष को दूर करता है।

15-जोड़ों का दर्द, गठिया तथा संधिवात जैसे रोगों में सेब को उबालकर दर्द वाली जगह पर उसका लेप लगाया जाए तो काफी लाभ होता है।

16-पाचन शक्ति में वृद्धि-सेब को काटकर, मसल लें और बीज निकाल दें। फिर उसमें थोड़ा शहद मिलाकर, इसे रोज भोजन के बीच कई बार खाएं। निगलने से पहले अच्छी तरह चबाएं। यह पेट को ठीक करके पाचन क्षमता बढ़ाता है।

17-एक सेब काटकर उस पर सेंधा नमक डालकर 15 दिन तक सुबह-षाम खाने से पुराने सिरदर्द में लाभ होता है।

-एक छोटा गिलास सेब का रस या शर्बत पीने से आराम मिलता है।

18-एक सेब चाकू से काटकर बिना छीले खाएं तो गठिया रोग ठीक हो जाएगा।

19-किसी भी ज्वर से ग्रस्त रोगी को अन्न की जगह सेब का सेवन करना गुणकारी और ज्वर दूर करने में सहायक होता है।

20-सेब का सेवन भोजन करने से 15-20 मिनट पूर्व बिना छीले करें।

21-सेब का रस मिश्री मिलाकर प्रातः पीते रहने से लाभ होगा।

22-50 मिग्रा. सेब का रस व 50 मिग्रा. पानी मिलाकर पीने से प्यास की तीव्रता कम हो जाती है।

23-सेब के ताजा रस में कपूर घोलकर आधे-आधे घंटे बाद लगातार पिलाने से बिच्छू का विष उतर जाता है।

24-सुबह खाली पेट 2 सेब खूब चबा-चबाकर खाने से कब्ज नहीं रहेगी और अग्निमांद्य दूर हो जाएगी।

25-सेब खाकर दूध पीना लाभदायक होता है।

26-आधा चम्मच सेब के बीज, 2 कप पानी में उबालें। 1 कप पानी रहने पर छानकर सुबह-षाम पीने से गर्भावस्था में होने वाली उल्टियां बंद हो जाती है।

27-रात को सोने से लगभग एक घण्टे पहले नित्य सेब का सेवन करने से लाभ होता है।

28-रोज 2 सेब लगभग 1 या 2 सप्ताह तक खाने से आराम मिलता है।

29-सेब पर कालीमिर्च और मिश्री डालकर खाने से गले में खरखरी से आने वाली खांसी व बार-बार आने वाली खांसी में लाभ होगा।

30-सेब के रस में थोड़ी मिश्री मिलाकर पीने से सूखी खांसी ठीक होती है।

31-सेब के रस में थोड़ा सा नमक डालकर या सेंधा नमक डालकर पिलाने से उल्टी होना रूक जाता है।

32-कच्चा सेब खूब चबा-चबाकर खाने और रस पीने से दस्त बँध कर आने लगता है।

33-बच्चों को दूध न पचना, दूध पीते ही दस्त या उल्टी होने पर थोड़े-थोड़े अन्तर में सेब का रस पिलाना चाहिए।

34-रात को सोने से पहले सेब खाते रहने से 10-15 दिन में कीड़े मल के साथ निकल जाते है। सेब खाने के बाद पानी न पीयें।

35-किसी भी कारण यदि आंखों में पीड़ा, लाली, धुंधलापन या भारीपन होने का अनुभव हो तो सेब को गर्म राख में भूनकर मसल लें और ठण्डा करके, पुल्टिस की तरह सोते समय आंखों पर रखकर पट्टी बांध लें। घण्टे भर बाद खोलकर आंख साफ कर लें। कुछ दिनों के प्रयोग से सब षिकायतें मिट जाएगी।

36-एक मीठा सेब छीलकर, उसमें जितनी लौंग आ सके, चुभों दें। फिर किसी चीनी मिट्टी के बर्तन में एक सप्ताह तक पड़ा रहने दें। बाद में लौंग निकालकर शीशी में रख लें। ये लौंग प्रतिदिन 4 नग सुबह दूध के साथ चबाने से स्तम्भन शक्ति में आशातीत वृद्धि होती है और इन्द्रिय की दुर्बलता समाप्त होकर पुरूष पौरूष से पूर्ण हो जाता है। साथ में 1 तोला लौंग, 2 तोला चमेली के तेल में आग पर उबालकर छान लें और रात को इन्द्री पर तेल लगाकर 3 मिनट मालिश करें, खराब नसें सख्त हो जाएगी।
स्वप्नदोष व धातु रोग से पीड़ित व्यक्ति लौंग का सेवन न करें।

37-शराब या अफीम का नशा करने वाला व्यक्ति यदि सुबह-शाम सेब खाने लगे तो धीरे-धीरे यह आदत छूट जाती है।